Ganga River Short Paragraph in Hindi 500+ words- गंगा नदी

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गंगा नदी पर निबंध / Essay on River Ganga in Hindi!

इस article में हम गंगा नदी [Ganga River] पर एक लेख लिख रहा हूँ | मेरा para लिखने का मुख्य उद्देश्य है बच्चों को एक नया आयाम देना | इसलिए इस बात को ध्यान में रखते हुए | इस लेख को कई भागों में बाँट करके लिख रहा हूँ | जो छोटे और बड़े लेवल के है |

यह सुलेख बच्चों और विद्यार्थियों सभी के लिए फायदेमंद साबित होगा | इसे जरूर पढ़ें और कुछ सिखने की कोशिश करें |

Ganga river paragraph in Hindi 250 words

गंगा एक पवित्र नदी है | यह नदी भारत देश का गौरव है | यह पुरे विश्व भर में भी प्रसिद्ध है |

भारत देश में कई नदियाँ बहती है , जिनके नाम इस प्रकार है :- गंगा, यमुना, सरस्वती, ब्रह्मपुत्र, नर्मदा, अलकनंदा, चम्बल, महानदी, गोदांबरी, कावेरी, गोमती, झेलम, मुसी, सरजू, ताप्ती, स्वर्णरेखा, हुगली, क्षिप्रा आदि |

ये सभी किसी न किसी बड़े शहर के बगल से होकर गुजरती है | या यूँ कहे हर बड़े शहर के किनारे कोई न कोई नदी जरूर बहती है |

आइए भारत में नदियों के किनारे बसे प्रमुख नगर कौन-कौन से है :-

दिल्ली      यमुना

गुवाहाटी  ब्रह्मपुत्र

आगरा     यमुना

जबलपुर   नर्मदा

बद्रीनाथ  अलकनंदा

कोटा     चम्बल

इलाहबाद    गंगा, यमुना , सरस्वती

कटक       महानदी

हरिद्वार     गंगा

नाशिक   गोदावरी

कानपूर    गंगा

श्रीरंगपटनम  कावेरी

पटना   गंगा

जौनपुर   गोमती

श्रीनगर   झेलम

हैदराबाद   मुसी

अयोध्या    सरयू

मथुरा      यमुना

सूरत   ताप्ती

जमशेदपुर    स्वर्णरेखा

कोलकाता     हुगली

भागलपुर     गंगा

लखनऊ   गोमती

वाराणसी   गंगा

उज्जैन    क्षिप्रा

यह लाखों करोड़ों बर्षों से बहती चली आ रही है | इस नदी का गौरव बहुत ही उज्जवल है | इनकी गौरव का वर्णन हिन्दुओं के करीब सभी धर्म ग्रंथों में मिलता है | इनके महिमा और गौरव का व्याख्यान करते देवता भी नहीं थकते |

यह नदी आकाश , पाताल तथा स्वर्ग में भी बहती है, ऐसी मान्यता है | मानो तो पत्थर नहीं तो देव | यह सबसे पवित्र और बहुत बड़ी नदी है | यह हमारे देश का सौभाग्य है | ये हमारी माता है |

Ganga River Essay Hindi in 300 words

गंगा भारत की गौरवमयी और पवित्र नदी है | यह उतर भारत के मैदानी इलाके में बहती है | यह हिमालय की तराई से निकलती है और बहते हुए जाकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है | इसकी कुल लम्बाई 2509 किलोमीटर है | विश्व में इनका स्थान 39 वां है तथा एशिया महादेश में 15 वां स्थान है |

इसे हम गंगा मैया के नाम से पुकारते है | इनहे कई नामों से पुकारते है | जैसे- भागीरथी, जान्हवी, मन्दाकिनी, विष्णुपदी, देवापगा, देवनदी, सुरसरिता, सुरसरि, त्रिपथगा, अलकनंदा, हेमवती आदि |

यह अपने उद्गम स्थान गंगोत्री से निकलती है | यह हिमालय पर्वत के उत्तरी भाग गंगोत्री से निकलकर नारायण पर्वत के पार्श्व से निकलकर ऋषिकेश, हरिद्वार, नाशिक, कानपूर, इलाहबाद (प्रयाग) विंध्याचल, वाराणसी, पाटलिपुत्र ,मंदरगिरी, भागलपुर तथा बंगाल को सिंचते हुए जाकर बंगाल की खाड़ी में गिरकर गंगासागर में मिल जाती है |

भारत के कई बड़े शहरो से निकलती है और अपने आस पास की मैदानी इलाकों को उपजाऊ  बनती हुए जाती है | हर साल ये नदी जलोढ़ मिटटी तैयार कराती है , जिससे फसल की उपज बहुत अच्छी होती है |

गंगा कृषि कार्य तथा अर्थव्यवस्था जैसे transportation के लिए भी बहुत उपयोगी है | नदी किसी भी देश की सामाजिक अर्थवयवस्था को प्रभावित करती है |

यह उत्तराखंड, उतर प्रदेश, बिहार और बंगाल से होकर बहती है | और इन चरों राज्यों में अच्छी फसल की उपज होती है | बिहार और बंगाल में चावल की उपज अच्छी होती है |

देश की जनसँख्या का एक बड़ा भाग इसी कृषि कार्य में कार्य करते है | इसलिए यह नदी हमारे देश के लिए बहुत ही उपयोगी है | बहुत लोगों को रोजगार भी मिलता है |

इनकी महिमा का व्याख्यान वेदों और शास्त्रों में लिखा हुआ है | इस नदी में स्नान करने से हमारे सारे पाप मिट जाते है |

अगर यह नदी नहीं होती तो देश का एक बहुत बड़ा भाग बेकार या बंजर होता |

Ganga River Essay Hindi in 400 words

भारत देश में कई नदियां है , लेकिन गंगा नदी उनमे से एक है | इनका जल बहुत ही शुध्द है | वैसे तो ये नदी पवित्र मणि जाती है | यह नदी हमें और हमारे पूर्वजों को भी पवित्र करने आई है | इस नदी का बहाव का वेग बहुत ही तीव्र है |

हिन्दू धर्म के अनुसार हम इसे माँ मानते है और इसकी पूजा भी करते है | जब हम अपने पूर्वजों की अस्थियां को इनके प्रवाह में विसर्जित नहीं करते है तबतक (however) उन्हें मुक्ति नहीं मिलती है |

गंगा का उद्गम स्थल हिमालय है | यह हिमालय के गंगोत्री से निकलकर ऋषिकेश, हरिद्वार, इलाहाबाद , वाराणसी से होते हुए बंगाल की खाड़ी में मिलकर विलीन हो जाती है |

In other words कुल मिलकर ये भारत देश के चार राज्यों का पाँव पखारती है | भारत के आलावा यह बांग्लादेश में भी बहती है |

गंगा जिनजिन राज्यों से होकर गुजराती है वहां की मिटटी को उपजाऊ करती हुई जाती है | इनके किनारे अच्छी फसल एवं सब्जियां उगाई जाती है | हमारे देश के किसानों के लिए यह नदी बहुत ही मददगार है | क्योकि (therefore) उन्हें अपने फसलों के सिंचाई के लिए उचित पानी मिल जाता है |

ऋषि मुनिओ तथा देवताओं ने गंगा को अलगअलग नामो से पुकारा है | जैसे:- देवनदी, त्रिपथगा, भगीरथी तथा महानदी | ऐसी एक मान्यता है की राजा भगीरथ ने इस नदी को स्वर्ग से धरती पर लाया | क्योकि (Because) वे अपने पूर्वजों का उद्धार करना चाहते थे |

इसलिए (therefore) उसने की बर्षों तक कठिन तपस्या की | इनका पानी निर्मल और शुद्ध है |

But दुःख की बात यह है की अब यह नदी प्रदूषित होता जा रहा है |

गंगा और प्रदुषण के बचाव

इनका पानी जितना निर्मल और पवित्र था , लेकिन अब उतना ही जहर हो गया है | क्योकि कारखाने का केमिकल युक्त पानी तथा गन्दा पानी बड़ी मात्रा में गंगा में छोड़ा जा रहा है , जिसकी वजह से ये दिनोदिन ये नदी प्रदूषित होती जा रही है |

लोग गन्दा तथा कचरा इस नदी में डाल देते है | जिससे इसका पानी जहर होता जा रहा है | After that जिसका दुपरिणाम हमारे स्वास्थय पर भी पड़ता है | अत: (however) हमें इसे प्रदूषित होने से बचाना होगा |

Ganga River Paragraph in 600 words

गंगा भारत देश की बहुत बड़ी पवित्र नदी है | इसका इतिहास बहुत पुराना है | यह देश के बीचों बीच से होकर बहती है | इनके उज्जवल और गौरव की गाथा हमारे धरम ग्रंथो में मिलता है | भारत देश में बहुत नदियां है -लेकिन गंगा नदी सर्वश्रेष्ठ है |

हमारे धरम ग्रंथों में इन्हे माता कहकर बुलाया है | ये हमारे देश की संस्कृति है | ये हमारे देश की गौरव को बढाती है | धरम ग्रंथों में ये लिखा हुआ है की गंगा युगों-युगों तक बहती रहेगी और पापियों को पाप से मुक्त करती रहेगी |

यह नदी हिमालय पर्वत के गंगोत्री से निकलती है | पर्वत से होती हुई ये मैदानी भागों में आती है | जिससे ये कई भागों में बंट जाती है | ऋषिकेश, हरिद्वार, नाशिक, इलाहबाद, वाराणसी, कानपूर , पटना तथा भागलपुर होते हुए ये बंगाल में प्रवेश करती है | और अंत में जाकर बंगाल की खाड़ी में मिलजाती है |

यह भारत और बांग्लादेश को भी जोड़ती है |

गंगा को भगीरथी भी कहा जाता है, क्यों | क्योकि भगीरथी नाम के राजा ने हजारों बर्षों तक कठिन तपस्या करके गंगा को स्वर्ग से पृथ्वीलोक पर लाया है | वह अपने साथ हजार पुत्रो के उद्धार के लिए गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर लाया | इसलिए इनका नाम भगीरथी कहते है |

यह तीन रास्तों से होकर बहती है , इसलिए इसे त्रिपथगा भी कहते है | जब ये स्वर्ग से धरती लोक पर आई तो देवताओं ने इसे देवनदी कहकर बुलाया इसलिए इसे देवनदी भी कहते है |

यह जिस जिस राज्यों से होकर बहती है | उसके किनारे अच्छी फसल उगाई जाती है | इसलिए ये किसानों के अच्छा मित्र भी है | अगर यह नदी नहीं होती तो भुखमरी और बेरोजगारी की समस्या बहुत ज्यादा होती |

लेकिन बढ़ती जनसँख्या के कारण अब यह दिनोदिन प्रदूषित होती जा रही है |

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