Motivational story aam ka ped ki kahani in Hindi । आम का पेड़ की कहानी

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Motivational story aam ka ped ki kahani in Hindi । आम का पेड़ की कहानी। Inspiration Story Change your thinking

नमस्कार दोस्तों
प्रस्तुत है एक प्रेरक कहानी जो आपको सोचने की शक्ति को बदल देगा . Motivational Inspiration hindi kahani aam ka ped ki kahani .जरूर पढ़ें .

किसी गाँव में तालाब के किनारे एक आम का पेड़ था . उसी गांव में एक बच्चा रहता था , जिनका नाम रामु था . रामु जब छोटा था तो वह हमेशा आम के पेड़ के पास जाकर खेल-कूद करता रहता था, उसे आम का पेड़ बहुत पसंद था . वह जब स्कूल से आता तो फुर्सत मिलते ही तुरंत आम के पेड़ के पास पहुंच जाता था .

Motivational story aam ka ped ki kahani in Hindi । आम का पेड़ की कहानी

वह आम के पेड़ पर चढ़ता , आम खाता, खेलता और थक जाने पर उसी की छाया में सो जाता। धीरे-धीरे बच्चे और आम के पेड़ के बीच एक अनोखा रिश्ता बन गया।

रामु जैसे-जैसे बड़ा होता गया, वैसे-वैसे उसने पेड़ के पास आकर खेलना कूदना भी बंद कर दिया . वह अपने घर में ही खेल लिया करता था .

आम का पेड़ रामु को याद करके अकेला रोता रहता । एक दिन अचानक पेड़ ने उस बच्चे को अपनी तरफ आते देखा और पास आने पर कहा, बहुत दिनों के बाद आए हो तू कहां चला गया था? मैं रोज तुम्हें याद किया करता था। चलो आज फिर से दोनों खेलते हैं।

लेकिन रामु ने आम के पेड़ से कहा, अब मेरी खेलने की उम्र नहीं है, मुझे पढ़ना है, लेकिन मेरे पास फीस भरने के पैसे नहीं हैं।

Motivational Story Aam Ka Ped

पेड़ ने कहा, बेटा मेरे पास तुम्हे देने के लिए पैसे तो नहीं है लेकिन अगर तुम मेरे आम को लेकर बाजार में बेच दे, इससे जो पैसे मिले अपनी फीस भर देना।

तो रामु ने ऐसा ही किया और उसने आम के पेड़ से सारे आम तोड़ लिए और उन सब आमों को लेकर बाजार में बेच दिया और स्कूल की फीस भर दी . उसके बाद फिर कभी दिखाई नहीं दिया।

आम का पेड़ हमेशा उसकी राह देखता रहता। एक दिन वो फिर आया तो आम के पेड़ ने कहा चलो हम दोनों खेलते है तो रामु ने कहने लगा की मेरे पास अब खेलने का समय नहीं है अब मुझे नौकरी भी मिल गई है, और मेरी शादी भी हो चुकी है, अब मुझे मेरा अपना घर बनाना है, लेकिन इसके लिए मेरे पास अब पैसे नहीं हैं।

आम के पेड ने कहा, तू मेरी सभी डाली को काट कर ले जा,उससे अपना घर बना ले। तब रामु ने आम के पेड़ की सभी डाली काट ली और लेकर चला गया।

आम के पेड़ के पास अब कुछ नहीं था वो अब बिल्कुल खाली बंजर हो गया था। अब कोई उसे देखता भी नहीं था और न ही उसके पास कोई जाता भी था । अब पेड़ ने भी उम्मीद छोड दी थी कि अब वो रामु शायद ही कभी उसके पास आयेगा।

लेकिन फिर एक दिन अचानक वहां एक बुढ़ा आदमी दिखाई दिया । उसे देखते ही आम के पेड़ ने पहचान लिया और कहा की अब मेरे पास तुम्हे देने के लिए कुछ नहीं है , लेकिन रामु ने कहा की अब मुझे किसी भी चीज की इच्छा नहीं है .

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बल्कि मुझे आपके साथ जी भरके खेलना है, आपकी गोद में सर रखकर सोना है। इतना कहकर वो आम के पेड़ से लिपट कर सो गया और उसके बाद आम के पेड़ की सुखी हुई डाली फिर से अंकुरित हो उठी।

आपने इस कहानी से क्या सीखा-What you learn from this story

हमें इस कहानी से यही सिख मिलती है कि: वो आम का पेड़ (Aam ka ped in Hindi) हमारे माता-पिता के सामान हैं। जब छोटे थे उनके साथ खेलना कूदना हमें बहुत अच्छा लगता था। लेकिन जैसे-जैसे बड़े होते चले गये उनसे दूर होते गये। पास भी तब आये जब कोई जरूरत पड़ी, कोई समस्या खड़ी तभी ।

आज कई मां-बाप उस बंजर पेड़ की तरह अपने बच्चों की राह देख रहे हैं। की कोई आकर उनसे लिपटें, उनके गले लग जायें, फिर देखना वृद्धावस्था में उनका जीवन फिर से हरा भरा हो उठेगा .
हमारे माता-पिता हमें हर मुसीबतों में साथ निभाते है और अच्छी सलाह देते है .

दोस्तों अगर ये मोटिवेशनल कहानी आपको अच्छी लगी तो इस कहानी को फेसबुक पर तथा दोस्तों के बीच शेयर जरूर करें . धन्यवाद

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