10 points about Elephant Essays in English for Students

हांथी पर निबंध – Essay on Elephant in Hindi

10 points about Elephant Essays in English for Students

Elephant Essays:- हांथी पृथ्वी पर एक बहुत की विशाल शरीर वाला जानवर है। यह घने जंगल में रहता है। हांथी बच्चों के लिए बहुत पसंद किया जाता है।

हांथी पर निबंध : छोटा एवं संक्षेप में

मैने बच्चों तथा विधार्थिऒं के सहायता के लिए निबंध लिख रहा हुं। अक्सर स्कुल में शिक्षकों के द्वारा बच्चों को पैराग्राफ़ या निबंध हमेशा लिखने के लिए दिया जाता है। समय समय पर शिक्षकों द्वारा बच्चों को निबंध लेखन से उसका मुल्यांकन होता है। तो हम यहां पर विभिन्न तरह के निबंध लिख रहा हुं । छात्र अपने हिसाब से कोई भी पैराग्राफ़ का चयन कर सकता है।

Elephant Essays 1 (100 Word)

हांथी जंगल में पाया जाने वाला स्तनपायी जानवर होता है। इसका शरीर बहुत विशाल होता है। इसकी शारीरिक बनावट बहुत ही अलग होता है। इसके चार पैर होता है, जो एक विशाल खंभे जैसा लगता है। इसके दो विशाल कान सुप के आकार का होता है। एक लंबी पुछ भी होता है। तथा आंख भी होती है। हांथी पालतू जानवर भी होता है। क्योंकि कुछ लोग इसे पालते है। कुछ लोग अपने शान शौकत या सवारी करने के लिए इसे पालते है। कुछ लोग इसे पालकर सर्कस कम्पनी को बेच देता है। और ये हांथी सर्कस में खेल दिखाकर सबका दिल जीत लेता है। बच्चों हांथी की सवारी करते है। हांथी घास और पेडों की टहनियां खाती है।

Elephant Essays 2 (150 Word)

हाथी एक बडा और विशालकाय प्राणी है। यह जंगल में पाया जाता है। ये हाथी अपने आप को बहुत बडा जानवर समझता है।

हाथी मुख्यत: काला और भुरा दो रंग के देखे गये है। हाथी बहुत ही भयानक जानवर होता है। यह जंगल में रहता है। अगर यह रिहायशी इलाके में आ जाय तो भारी नुकसान होता है।

हाथी को आप आसान से पहचान सकते हो। इसके चार पैर होते है, जो एक विशाल खंभे जैसे लगते है। दो बडे-बडे कान होते है। जो दिखने में पतरा की तरह होता है। एक लम्बी सी पुंछ होती है। एक सुंढ होती है। सुंढ  की मदद से ही यह वृक्ष से आसानी से उसकी टहनियां को तोड लेता है।

10 points about elephant in English for class

Elephant is a very big creature in the world.

It mostly seems two colours black and brown.

It almost lives at dense forest.

It has very big body, two big ears, two small eyes, four legs like as a pillar and a long and short tail and white teeth.

It has a trunk with the help of catch the branch of trees for eat.

It is mostly fount in the forest of India, Burma and Africa.

When he gets angry, he gets mad and then starts destroying.

In ancient times, the King-Maharaja used it in the battle-field for the war.

Elephant is a very strong and wise animal.

It is very useful for us.

हाथी शाकाहारी जानवर होता है। यह जंगल मे हरी-हरी घास ,वृक्ष की टहनियां खाती है। इसके दो दांत होता है। इसके खाने के दिखाने के अलग-अलग दांत होते है। जंगल में जहां पानी का स्त्रोत होता है, ये वही रहता है।

Elephant Essays 3 (200 Word)

हाथी जमीन पर रहने वाले सभी जानवर में से सबसे बडा होता है। यह एलिफैन्टिडी समुह के प्राणी के अन्तर्गत आता है। जीव-वैज्ञानिकों के अनुसार दुनियां भर मे एलिफैन्टिडी के दो प्रजाती है। एक  लॉक्सोडॉण्टा है जो अफ़्रिका के घने जंगल में पाए जाते है। और दुसरी प्रजाति का नाम ऍलिफ़स है, जिसे हम भारतीय हाथी भी कह सकते है। धरती पर यह बहुत बडा प्राणी होता है। ये अपने बच्चें को  22 महीने में जन्म देता है। इनकी औसत आयु  50  से 70 साल की होती है।

हाथी शाकाहारी जानवर होता है। और ये अपने झुण्ड के साथ चलता है। अगर ये अलग-अलग होंगे तो शेर इसे हमला करके अपना शिकार बना सकता है। शेर हाथी के बच्चे पर हमला करके अपना शिकार बना लेता है। ये अपने भुख मिटाने के लिए पेड-पौधे पर निर्भर रहते है।

हाथी का आकार करीब  8 से 10 फ़ीट के होता है। तथा इसका वजन करीब  11000 किलो का होता है।

वैसे तो हाथी के कई रंग होते है, लेकिन मुख्यत: काली और भुरे रंग के देखे जा चुके है। यह एक शाकाहारी प्राणी है। और यह हरी-हरी मुलायम घास, पते , वनस्पियां खाती है। ये अपने सुंढ के द्वारा पेडों से टहनिया तोडकर खाते है।

Elephant Essays 4 (250 Word)

हाथी भारी-भरकम जानवर होता है। इसके चार पैर, एक बडा सा सिर, दो कान,दो आंख और एक लम्बा सा पुंछ होता है। ये चीटी या छिपकिली से डरता है। अगर कॊई चीटी या छिपकिली इसके सुंढ के सहारे इसके अंदर चली जाय तो इसका जीवन खतरे में पड जाता है। इसलिए ये हमेशा इन दो से परहेज करता है। और अपने सुंढ से सुंघता रहता है।

संसार मे दो प्रकार के हाथी पाए जाते है- अफ़्रिकन और भारतीय।  भारतीय हाथी अफ़्रिकन के तुलना में बडा होता है। यह अफ़्रिका के मध्य या घने जंगलो में पाए जाते है। एशियन हाथी भारत के असम,मैसुर और त्रिपुरा के घने जंगलों में पाए जाते है। इनका रंग सामान्यत: काली और भुरे रंग के होते है, लेकिन थाईलैंड में पाए जाने वाला हाथी का रंग सफ़ेद होता है।

हाथी बहुत बुध्दिमान जानवर होता है। ये जंगल में जब अपने भोजन की तलाश में निकलता है, तो एक झुण्ड में निकलता है। क्योकिं ये जानता है कि एकता में ही बल है। हाथी को पालतु बनाकर हम अपना काम इससे करा सकते है, जैसे-शहरों में बच्चे हाथी का सवारी करते है, माल ढोने के काम आता है आदि। ये सर्कस में अपना करतब दिखाकर सबको मंत्रमुग्ध कर देता है।

हाथी स्वामीभक्त होता है। यह हमारे लिए बहुत ही उपयोगी है। इसकी आयु करीब 80 से 100 साल की होती है। इनकी आंखे बहुत छोटी होती है। इसलिए ये लाचार है। अन्यथा ये जंगल का राज शेर नही हाथी होता ।

ये अपना भोजन खुद खाता है। हरी-हरी घास, पतियां, फ़सलें खाकर अपना पेट भरता है।

Elephant Essays 5 (300 Word)

हाथी सभी जानवर में से उतम माना गया है। इसे गजराज भी कहते है। पुराने समय में हाथी को राजा महाराजा लोग रखते थे। वे अपने शौकीन के लिए इसका सवारी करते थे । तथा युध्द के समय इसका उपयोग करते थे ।

ये अपना विशालकाय शरीर के लिए बहुत ही प्रसिध्द है। जंगली हाथी बहुत ही खतरनाक होता है। जंगली हाथ जब पागल हो जाता है, तो आस पास के गांवों में भारी तबाही आ जाती है। लोग को घर में घुस-घुस के मारते है और सारे फ़सल को नष्ट कर देता है।

जब जंगल में भोजन की कमी हो जाती है, तो ये गांव की तरफ़ आ जाते है। जंगल को काटा जा रहा है। इसलिए अब ये गांव या शहर की तरह आ जाते है।

हाथी को पालकर हम इसे एक पालतु जानवर बना सकते है। पालतु बनाने के बाद ये स्वामीभक्त हो जाता है। फ़िर आप इससे कोई भी काम करा सकते है।

चिडियांघर में या सर्कस मे ये तरह-तरह का खेल दिखाकर दर्शको का दिल जीत लेता है। इनहे पानी से बहुत प्यार होता है। ये पानी में नहाने के अलावा तरह-तरह के करतब दिखाता है। इसे पानी में तैरना भी आता है।

हाथी बंदर की तरह बुध्दिमान और आज्ञाकारी होता है। ये अपने मास्टर के बात को अपनी आज्ञा समझता है।

हाथी को खम्भे के जैसा चार पैर होता है। रस्सी के जैसा लम्बा इसका सुंढ होता है। एक विशाल सिर होता है। इसके दो कान होता है, जो बहुत बडा होता है। इतना विशाल जानवर होते हुए भी इनके दो छोटी-छोटी आंखे होती है। और इसका रंग स्लेटी होता है।

हाथी में नर और मादा दोनो होता है। ये बच्चों को जन्म भी देती है। मादा हाथी 22 महीने तक बच्चे को अपने गर्भ में रखती है। हाथी बहुत ही उपयोगी जानवर है।

Elephant Essays 6 (400 Word)

विश्व मे हाथी के दो प्रजाती पाई जाती है। एक अफ़्रिका के घने जंगल मे पाए जाते है। एशियन हाथी भारत, श्रीलंका तथा वर्मा के जंगल में पाए जाते थे। सफ़ेद हाथी थाईलैंड में पाए जाते है।

हाथी का आकार 8 से 10 फ़ीट होता है, तथा इसका वजन 13000 किलो होता है। इसका बच्चा 104 किलो का होता है, जो एक गाय या सुअर के बराबर होता है। हाथी अपने आप में बहुत होशियार होता है।

इसका रंग गहरे स्लेटी तथा भुरे रंग के होते है। ये शाकाहारी होता है। ये घास, टहनियां तथा गन्ने, गेहुं,केले के तने आदि खाते है। और नदी या तालाब का जल पीते है। ये अपना भोजन जंगल से पाते है। जंगल की लगातार कटाई होने से आज कल हाथी गांव या शहरों की ओर पलायन हो रहे है।

हाथी मनुष्य के लिए उपयोगी जानवर होता है। जंगलों में हाथी से लकडी की धुलाई की जा सकती है।

हाथी को प्रशिक्षण देकर कोई भी काम करवाया जा सकता है। जैसे- चिडियांघर या सर्कस में तरह-तरह के खेल इनके द्वारा दिखाया जाता है।

यह एक विशाल स्तनपायी जानवर है। इसके चार पैर होते है, जो बहुत ही मजबुत और एक स्तम्भ की तरह होते है। इनके दो विशाल कान होतॆ है, जो सुप के आकार के होते है। इनका शरीर बहुत भारी तथा बडा सा सुंढ जिसे ट्रंक कहते है। इनके दो छोटी आंखे होती है। जितना बडा इसका शरीर होता है, लेकिन इसकी आंखे नही होती है। ये अपने ट्रंक से सारे काम करते है, जैसे-खाना , भार उठाना,पानी पीना,स्नान करना, सुंघना,सांस लेने आदि के लिए।

इनकी त्वचा बहुत मोटी होती है, जो बर्षा, सर्दी और गरमी से इसकी रक्षा करता है। ये बहुत ही संवेदशील प्राणी होती है, खतरे का आगह इनहे पहले ही हो जाता है। और अपना और अपने बच्चे का बचाव कर लेता है।

हाथी बहुत ही शान्त स्वभाव का होता है,जब ये गुस्सा हो जाता है तो तोड-फ़ोड करने लगता है। तथा अपने पैरों तले कुचल डालता है।

हाथी अपने बच्चे को जन्म देकर उनहे अपना स्तनपान भी कराती है। ये बहुत ही उपयोगी पशू है। इसके मरने के बाद इसके त्वचा तथा इसके दांत से बहुत काम की चीजें बनाई जाती है। ये हमारे लिए बहुत उपयोगी है। फ़िर भी इसकी प्रजाती लुप्त होती जा रही है। ये हमारी राष्ट्रीय सम्पति है। इसका रक्षा करना हम सब का कर्तव्य है। इसे गजराज भी कहते है। ये गणेश जी का वाहन है।

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