Winter Season Essay in Hindi for students and teachers

Winter Season Essay in Hindi- शरद ऋतु पर निबंध

यह बच्चों तथा छात्रों के लिए शरद ऋतु पर अलग-अलग शब्दों में निबंध लिख-रहा हुं | But जो आपके लिए Suitable है उसे आप पढ सकते है ।

Winter Season Essay in 250 words

शरद ऋतु ग्रीष्म ऋतु के बाद आता है । यह ग्रीष्म ऋतु तथा पतझड (वसंत ऋतु) के बाद आता है । ऋतु की शुरुआत नवम्बर माह से होती है | Therefore नवम्बर से जनवरी माह तक शरद ऋतु होती है । शरद ऋतु को शीत ऋतु भी कह सकते है ।

शरद ऋतु मतलब ठंढा यानी हमें ठंढ लगती है । इस मौसम के शुरुआत में कम ठंढक लगती है, लेकिन (therefore) जैसे-जैसे समय बीतता जाता है शर्दी बढती जाती है . यह मौसम सबसे ठंढा वाला मौसम होता है. लेकिन दिसम्बर से लेकर जनवरी तक बहुत शर्दी रहती है |

इस मौसम में हमे बहुत ठंढ का ऎहसास होता है । चारो तरह ठंढी-ठंढी हवा बहती है. और तापमान बहुत कम हो जाता है । इस मौसम में दिन छोटी तथा रात बडी होती है । अत्यधिक ठंढ होने के कारन घर से निकलना मुश्किल हो जाता है . कभी-कभी घना कोहरा छा जाता है. और दिन में साफ़-साफ़ कुछ भी नजर नही आता है ।

शरद ऋतु मे काम करने की क्षमता में वृध्दि होती है लेकिन (Because) ज्यादा ठंढ होने के कारन घर से बाहर निकलने में बहुत कठिनाई होती है.

कभी-कभी इस ऋतु में बारिश के साथ ओले भी गिरने लगते है. जिससे मौसम और भी खराप हो जाता है ।

इस मौसम में फ़ल तथा सब्जियां का स्वाद बदल जाता है. वे खाने में बहुत स्वादिष्ट लगते है. लोग ठंढ से बचने के लिए ऊन के बने हुए स्वेटर तथा गर्म कपडे पहनते है । और चादर-रजाई तथा कंबल का उपयोग करते है , ताकि ठंढ से बच सके ।

Winter season Essay 300 words

शरद ऋतू गर्मी मौसम के बाद आता है । भयंकर गर्मी से हाल बेहाल तथा परेशान सारी दुनियां अपने जीवन में कुछ नयापन के लिए इंतजार कर रहा होता है। और ऐसे समय में शर्दी ऋतू का आगमन होता है । गर्मी में हम जिस वस्तु से दूर भागते है शर्दी में हमें वही वस्तु अच्छी लगती है ।

गर्मी के मौसम में हम घर से अगर बहार निकलते है तो पानी की बोतल साथ में रखते है क्योकि मुँह सूखने लगता है। और गर्मी की वजह से हम पसीने पसीने हो जाते है । लेकिन शर्दी में इसका उल्टा है । हम इस मौसम में पानी को छूना नहीं चाहते है तथा आग से नजदीक होते है क्योकि हमारे शरीर को गर्मी की जरुरत होती है ।

प्रकृति का बहुत बहुत धन्यवाद है क्योकि उन्होंने ऐसी मौसम बनाई है की एक मौसम में हाल बेहाल होकर दूसरे की चाहत रखते है । और एक हमें परेशान करता है तो दूसरा राहत देता है ।

सर्दी की शुरुआत नवम्बर में ही हो जाता है , लेकिन उस समय सामान्य सर्दी होती है । लेकिन दिसंबर आते ही हमें स्वेटर पहनने पर मजबूर कर देता है । हवा में नमी आ जाती है और सूर्य की किरणे में जरा भी गर्मी नहीं होती है यानि ये उत्तरायण चले जाते है ।

सर्दी में दिन भर सर्द और ठंडी हवा चलती रहती है ।

एक प्रकार से अगर देखा जय तो ये मौसम अच्छा होता है , क्योकि इस मौसम में हमें फल तथा सब्जियों में स्वाद बढ़ जाता है । इसके आलावा भी खाने पीने का ज्यादा मजा ले सकते है । कभी कभी मौसम बहुत खराप हो जाता है, घने कुहरे छा जाता है तो कभी बारिश होने लगती है ।
दिन को भी साफ़ नहीं दिखाई पड़ता है । ऐसे समय में हम घर से बहार नहीं निकल पते है ।

ठंढा से बचने के लिए स्वेटर ,चादर, रजाई तथा कम्बल का उपयोग करते है । लोग जगह जगह पर आग जलाकर मौसम से बचते है ।

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