दुर्गा पूजा पर निबंध 250 शब्द में- Essay on durga puja in Hindi

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दुर्गा पूजा पर निबंध 150 शब्द-Essay on durga puja in Hindi

दुर्गा पूजा [durga puja] हिन्दुओं का बड़ा त्योहार मना जाता है . यह त्यौहार साल में एक बार ही आता है . आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष के दशमी तिथि को यह त्यौहार मनाया जाता है .

यह त्यौहार आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष को पैरवा यानि पहला दिन जिसे कलश स्थापना कहते है उसी दिन से शुरू हो जाता है और नौ दिन तक अलग अलग माता की पूजा होती है और दशवें दिन जिसे विजयदशमी कहते है .

माता के नौ अलग अलग नाम इस प्रकार है –

  1. शैलपुत्री
  2. ब्रह्मचारिणी
  3. चंद्रघण्टा
  4. कूष्माण्डा
  5. स्कन्दमाता
  6. कात्यायनी
  7. कालरात्रि
  8. महागौरी
  9. सिद्धिदात्री

इस त्यौहार को बुराई का प्रतीक मना गया है . असुर महिषासुर पर माँ दुर्गा ने विजय पाई थी . आदि शक्ति माँ दुर्गा  अच्छाई का प्रतीक है .

लोग इस त्यौहार को बहुत ही धूम धाम से मनाते है | दुर्गा पूजा [durga puja] को विभिन्न संस्कृति के लोग अलग अलग तरह से मनाते है . यह त्यौहार कुल दस दिन तक चलता है . इस त्यौहार में कुछ लोग नौ दिन तक उपवास करते है तथा कुछ लोग खष्टी , सप्तमी , अष्टमी और नवमी इन चार दिनों का उपवास करते है दसमे दिन को विजयदशमी कहा जाता है इस दिन लोग बहुत ही उत्साह, विश्वाश तथा हर्षोलास से मनाते है, चारो और ख़ुशी का माहौल होता है |

 

नौ दिन तक रामलीला का आयोजन होता है . विजयदशमी के दिन शहर के बाहर विशाल मैदान में मेले का आयोजन होता है . इस त्यौहार में बुराई पर अच्छाई की जीत दिखाई गई है . माँ दुर्गा एक स्त्री है उसे अच्छाई का उदहारण प्रस्तुत किया गया है .

शहर के बाहर रावण , कुम्भकर्ण तथा मेघनाद की विशाल और भव्य प्रतिमा लगाई जाती है . और राम के द्वारा बाण मारने से रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाद की प्रतिमा धु धु करके जल उठता है . और इस प्रकार से बच्चे इस त्यौहार का आनंद उठाते है .

Different Name of Durga Pooja (दुर्गा-पूजा अलग अलग नाम ) :-

गुजरात के लोग कलशस्थापन से लेकर नवमी तक रोज-रोज  डांडिया का आयोजन करते है | तथा तरह-तरह  का प्रोग्राम का आयोजन करके लोगो का मनोरंजन करते है |

Glory of Durga Pooja (दुर्गा-पूजा की महिमा ) :- 

दुर्गा पूजा एक धार्मिक और विश्वास का त्यौहार है | भक्तगण बहुत ही श्रद्धा और प्रेम से माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते है | और अपने मनचाहे वरदान भी मांगते है | भारत में यह एक महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है | इस अवसर पर लोग तरह-तरह के मिष्टान बनाते है और माँ को अर्पित करते है |

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा बहुत ही जोश के साथ मनाया जाता है | इसके आलावा यह त्यौहार नेपाल और भूटान जैसे देश में भी मनाया जाता है|

दुर्गा पूजा करने से लोगो में नाकारात्मक ऊर्जा  साकारात्मक में बदल जाती है | घर में सुख-शान्ति आती है | उनका ऐसा मानना है | 

दुर्गा पूजा [Durga Puja] पर विशेष

माँ दुर्गा को आदि शक्ति की देवी कहा गया है . उनके दस हाथ होते है और उनके दसों हाथ में कुछ न कुछ अस्त्र शस्त्र विधमान होता है . उनका वाहन सिंह होता है . लक्ष्मी और सरस्वती जी दोनों उसी के रूप है जो उसेक अगल बगल में विराजमान रहते है . लक्ष्मी माँ धन और समृद्धि की देवी है और सरस्वती माँ ज्ञान और विद्या की देवी है .

यह त्यौहार विश्वास और श्रद्धा का त्यौहार है . वैसे तो भारत देश त्योहारों का देश है . यहाँ पर समय-समय पर तरह-तरह के त्यौहार आते रहते है जिससे लोगों के मुरझाए जीवन आशा का नया संचार होता है . और हर त्यौहार के पीछे कोई न कोई धार्मिक तथा पौराणिक  कथाएँ जुडी होती है . ठीक उसी प्रकार दुर्गा पूजा पर माँ जगदम्बा द्वारा राक्षस महिषासुर पर विजय की कथा आधारित है .

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