Durga Puja 2022 in Hindi-दुर्गा पूजा के महत्व और पौराणिक कथाएँ

Follow us on

Durga Pooja ke mahatva par Nibandh Hindi me

Durga Puja 2022 in Hindi

हम भारत देश में रहते है यहाँ विभिन्न धर्मो के लोग आपस में भाईचारे के साथ रहते है जैसे- हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई| और अलग अलग धर्मो को मानते है|

दुर्गा पूजा हिन्दुओ का बहुत बड़ा त्यौहार है| लोग यह त्यौहार बहुत ही धूम धाम से मनाते है| यह त्यौहार अश्विन महीने के पिछले यानि शुक्ल पक्ष से सुरु होकर नौ दिन तक चलता है|

इस त्यौहार में कुछ लोग नौ दिन तक उपवास करते है तथा कुछ लोग खष्टी , सप्तमी , अष्टमी और नवमी इन चार दिनों का उपवास करते है दसमे दिन को विजयदशमी कहा जाता  है इस दिन लोग बहुत ही उत्साह, विश्वाश तथा हर्षोलास से मनाते है, चारो और ख़ुशी का माहौल होता है |

Durga Puja 2022 in Hindi-दुर्गा पूजा के महत्व और पौराणिक कथाएँ

दुर्गा माता की विशाल और भव्य मूर्ति स्थापित की जाती है, यह कार्यक्रम  सप्तमी से सुरु हो जाता है| माता की मूर्तियों  को रंग-बिरंगी कपड़ो तथा फूलो से सजाई जाती है | दुर्गा माता के दस हाथ  होते  है और दसो हाथ स्थिरो से सुसज्जित होती है चारो और वातावरण प्रफुलित हो उठता है सुबह और शाम को चारो और आरती और माता की भजन सुनाई देता है.

सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहते है तथा व्यापारी अपने प्रतिस्थान को भी बंद क्र देते है | दुर्गा पूजा की तैयारी लोग दो महीने पहले से ही कर देते है | जो लोग अपने रोजी रोटी के लिए भर शहरों में जाते है  वे सभी दुर्गा-पूजा पर अपने घर लोट आते है| बच्चे बूढ़े सभी नए नए कपड़े पहनते है तथा भाई चारे का सन्देश देते है|

Different Name of Durga Pooja (दुर्गा-पूजा अलग अलग नाम ) :-

दुर्गा पूजा को को लोग अलग अलग नामो से भी पुकारते है |  जैसे- बंगाल , असम , ओडिशा तथा त्रिपुरा में लोग दुर्गा पूजा को अकलबोधन के नाम से जानते है | गुजरात , उत्तर प्रदेश , पंजाब , केरला तथा महारष्ट्र के लोग इन्हे नवरात्री के नाम से मनाते है| गुजरात के लोग कलशस्थापन से लेकर नवमी तक रोज रोज डांडिया का आयोजन करते है | तथा तरह तरह का प्रोग्राम का आयोजन करके लोगो का मनोरंजन करते है |

Glory of Durga Pooja (दुर्गा-पूजा की महिमा ) :- 

दुर्गा पूजा एक धार्मिक और विश्वास का त्यौहार है | भक्तगण बहुत ही श्रद्धा और प्रेम से माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते है | और अपने मनचाहे वरदान भी मांगते है | भारत में यह एक महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है | इस अवसर पर लोग तरह-तरह के मिष्टान बनाते है और माँ को अर्पित करते है |

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा बहुत ही जोश के साथ मनाया जाता है | इसके आलावा यह त्यौहार नेपाल और भूटान जैसे देश में भी मनाया जाता है|

दुर्गा पूजा करने से लोगो में नाकारात्मक ऊर्जा  साकारात्मक में बदल जाती है | घर में सुख-शान्ति आती है | उनका ऐसा मानना है |

Durga Pooja in 2022

साल 2022 में दुर्गा पूजा 26 सितम्बर से कलशस्थापना से शुरू होगा और यह त्यौहार नौ दिन तक चलेगा . दुर्गा पूजा या नवरात्रि या शारदीय नवरात्रि का त्यौहार में नौ दिनों में माँ के अलग अलग रूपों की पूजा की जाती है . माँ के नौ रूप निम्न है जो एक एक दिन में पूजी जाएगी और इनकी महिमा का वर्णन करना बहुत ही अनुकरणीय है . और माँ के इन नौ रूपों के बहुत ही महत्व है :
पहला शैलपुत्री , दूसरा ब्रह्मचारिणी, तीसरा चंद्रघंटा, चौथा कूष्मांडा, पांचवां स्कंदमाता, छठा कात्यायनी, सातवां कालरात्रि, आठवां महागौरी और नौवां सिद्धिदात्री है .

legend story of durga and mahishasura

दुर्गा पूजा का त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है| एक किवदंती के अनुसार इसी दिन दुर्गा माता ने चंडी का रूप धरकर महा बलशाली राक्षस महिसासुर पर विजय पाई थी,

महिसासुर ने पृथ्वी पर चारो और त्राहि त्राहि मचा दिया था ब्रम्हा , विष्णु तथा शिव ने मिलकर दुर्गा माता की विनती किया की देवी महिसासुर के आतंक से पृथ्वी को मुक्त करो और माँ दुर्गा ने दशमी के दिन ही राक्षस महिसासुर को मारा था | इसलिए इस दिन को दशहरा भी कहते है |

दूसरी किवदंती के अनुसार रामायण में भगवन राम ने रावण को मरने के पहले दुर्गा जी की आराधना एवं पूजा करके आशीर्वाद लिया था फिर दुर्गा जी प्रकट होकर उन्हें आशीर्वाद दिया जाओ और विजय होकर लोटो और पृथ्वी का कल्याण करो | तो इसी दशमी के दिन भगवन राम ने दशानन रावण का वध किया था|

तथा दुर्गा पूजा के सोलह दिन के बाद दिवाली का त्यौहार आता है उसी दिन भगवन राम भाई लक्ष्मण तथा भार्या सीता जी के साथ अयोध्या वापस आये थे |

People Celebrate Durga Pooja :-

वैसे तो दुर्गा पूजा बंगाल का प्रशिद्ध त्यौहार है लेकिन इसके आलावा बिहार , झारखण्ड ,ओर्रिसा  , असम तथा त्रिपुरा में मनाए जाते है| हमारे पड़ोसी देस नेपाल में भी मनाया जाता है | क्योकि नेपाल एक हिन्दू प्रधान देश है यह हिन्दुओ की आबादी 91 % है |

विजयदशमी के दिन कुछ जगहों पर नाटक तथा नाच गाने का भी आयोजन करवाते है| विजयदशमी के अगले दिन लोग दुर्गा माँ की मूर्ति को विसर्जित करने के लिए तालाब या नदी में जाकर मूर्ति को विसर्जित क्र देते है|

बहुत से लोग चंदा एकत्रित करते है और भव्य पंडाल तथा भंडारा का आयोजन करवाते है| बच्चे बूढ़े सभी नए नए कपड़े पहनते है तथा भाई चारे का सन्देश देते हुए इनका समापन करते है |

उपसंहार : इस प्रकार दुर्गा पूजा का त्यौहार आपसी भाई चारे और प्रेम का त्यौहार है . हमारे जिंदगी में एक सुबह आती है और हमारे जीवन में एक नै उमंग लेकर आता है . दोस्तों ये लेख कैसी लगी ? मुझे कमैंट्स करके जरूर बताना .

Related Post:-

Leave a Comment

This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.