राजीव गांधी की जीवनी, पढाई, शिक्षा , Rajiv Gandhi Biography in Hindi

राजीव गांधी की जीवनी, जन्म, पढाई, पारिवारिक परिदृश्य, शिक्षा,शादी,बच्चे, राजनितिक करियर, विवाद, अवार्ड्स, उपलब्धि एवं मृत्यु (Rajiv Gandhi Biography in Hindi, Date of Birth, Education, Family Background, Study, Marriage, Children, Political Careers, Controversy, Awards, Achievements and Date of Death)

Rajiv Gandhi Biography in Hindi: राजीव गाँधी भारत देश के युवा राजनितिक थे . जिन्होंने अपने युवा अवस्था में भारत देश के 6 ठे प्रधानमंत्री के पद पर सुशोभित हुए थे और देश की सेवा की . वे देश के ऐसे प्रधानमंत्री थे जिन्होंने मात्र 40 बर्ष की आयु में भारत जैसे विशाल देश की बागडोर संभाली थी . वे एकदम सरल और शांत स्वभाव के एकाग्रचित व्यक्ति थे . वे अपने काम में हमेशा तथा देश हिट के लिए हमेशा गंभीरता से लेते थे .

नए पीढ़ी के होने के कारन उन्होंने देश को एक नया आयाम की और अग्रसर किया . नए-नए टेक्नोलॉजी का भारत में प्रादुर्भाव किया . देश में कंप्यूटर लाने का श्रेय उन्ही को जाता है . राजीव स्वर्गीय इंदिरा गाँधी (भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री) और फ़िरोज़ गाँधी के पुत्र थे . ये देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाती थे .

राजीव गांधी की जीवनी, पढाई, शिक्षा , Rajiv Gandhi Biography in Hindi
Rajiv Gandhi Biography

राजीव गाँधी बायोग्राफी

राजीव गाँधी का जन्म और पारिवारिक परिदृश्य ( Rajiv Gandhi Birth and Family Background)

वास्तविक नाम (REal Name) राजीव गाँधी
जन्म तिथि (Date of Birth) 20 अगस्त 1944
जन्म स्थान (Birth Place) बॉम्बे , महाराष्ट्र , ब्रिटिश भारत
पिता का नाम (Fathers Name) फिरोज गाँधी
मां का नाम (Mothers Name) स्वर्गीय इंदिरा गाँधी
भाई (Brother) संजय गाँधी
बहन (Sister) नहीं है
नाना (Grand Father) जवाहरलाल नेहरू
नानी (Grand Mother) कमला नेहरू
वैवाहिक स्थिति (Marital Status) शादीशुदा
पत्नी (Spouse/Wife) सोनिया गाँधी (एन्टोनिया माईनो)
बच्चे (Children)

राहुल गाँधी और

प्रियंका गाँधी बढेरा

मृत्यु (Date of Death) 21 मई 1991
पेशा (Profession) राजनीति
राजनितिक दल( Political Party) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

राजीव गाँधी का प्रारंभिक जीवन और परिवार (Rajiv Gandhi Early life and Family)

राजीव गाँधी का जन्म इंदिरा गाँधी एवं फ़िरोज़ गाँधी के यहाँ बॉम्बे, महाराष्ट्र में 20 अगस्त 1944 को हुआ था .15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ यानि राजीव गाँधी महज तीन साल के थे तभी भारत देश आजाद हुआ था .
इंदिरा गाँधी हिन्दू धर्म मानने वाले ब्राह्मण परिवार में से थी . इंदिरा गाँधी के दो पुत्र थे संजय गाँधी और राजीव गाँधी . इनका पारिवारिक बैकग्राऊँड बहुत मजबूत था क्योंकि ये गाँधी नेहरू खानदान के चिराग थे . जो भारत देश के प्रधानमंत्री थे . तो जाहिर सी बात है उनका जीवन और रहन सहन बेहतर ही होगा .

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहरलाल नेहरू इनके नाना थे और कमला नेहरू इनके नानी थे . इनके माता-पिता के बीच खटपट होती रहती थी और फिर वे दोनों अलग हो गए . अलग होने के बाद इंदिरा गाँधी अपने दोनों बच्चो के साथ अपने माता-पिता के घर रहने लगी . यहाँ रहकर उन सभी का झुकाव राजनितिक की तरफ हो गया . क्योकि उनके घर में राजनीती का ही माहौल था . राजीव को राजनितिक में बिलकुल भी रूचि नहीं थी. राजनितिक के आलावा उसे संगीत में बहुत रूचि थी तभी उनकी दोस्ती सदी के महा-नायक अभिताभ बच्चन से हुई . उन्हें संगीत के आलावा, फोटोग्राफी और रेडियो सुनना बहुत पसंद था . 

शिक्षा (Rajiv Gandhi Education)

राजीव गाँधी की प्रारंभिक शिक्षा देहरादून में वेल्हम बॉयज स्कूल और दून स्कूल देहरादून से हुई जो एक प्रतिष्ठित स्कूलों में गिनती की जाती है . और आगे की A Level की पढाई के लिए साल 1961 में वे लंदन और स्विट्ज़रलैंड चले गए . 1962 से 1965 तक इन्होने कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी स्कूल से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की . मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढाई के लिए इन्होने साल 1965 में इम्पीरियल कॉलेज ऑफ़ लंदन में दाखिला लिया और पढाई पूरा किए ही वापस भारत लौट आए . क्योंकि उनकी आगे की पढाई में रूचि नहीं लग रही थी , इसलिए वे आगे की पढाई नहीं करना चाहते थे .

 

बर्ष 1966 में राजीव गाँधी जब भारत लौटा तब तक उनकी माँ इंदिरा गाँधी भारत देश की प्रधानमंत्री बन चुकी थी . फिर कुछ दिनों के बाद साल 1970 में राजीव गाँधी दिल्ली चले गए और हवाई जहाज के पायलट की ट्रेनिंग के लिए फ्लाइंग क्लब में ज्वाइन कर लिया . और उसी साल से ही एक पायलट के हैसियत से ही इंडियन एयरलाइन्स में काम करने लगे . और संजय गाँधी को पायलट में कोई रूचि नहीं था वे अपनी माँ के साथ सक्रिय राजनीती में माँ के हाथ बटाने लगे और राजनीती के गुर सिखने लगे .

शादी (Rajiv Gandhi Marriage)

राजीव गाँधी जब कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में पढाई कर रहे थे उसी दरम्यान उसकी दोस्ती इतालवी नागरिक एन्टोनिया माईनो से हुई और आगे चलकर यह दोस्ती प्यार में बदल गई . और साल 1968 में राजीव और एन्टोनिया माईनो की शादी हो गई और शादी के बाद एन्टोनिया माईनो ने अपना नाम बदलकर सोनिया गाँधी रख लिया .इसलिए apko याद रखना है की सोनिया गाँधी का असली नाम क्या है : एडविगे एन्टोनिया अल्बिना माईनो .

शादी के बाद सोनिया से उन्हें दो संतान की प्राप्ति हुई एक पुत्र और एक पुत्री . पुत्र का नाम है राहुल गाँधी और पुत्री का नाम है प्रियंका गाँधी बढेरा . राहुल गाँधी का जन्म 1970 में तथा प्रियंका गाँधी बढेरा का जन्म 1972 में हुई . आज सोनिया गाँधी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के पद पर है और पुत्र राहुल गाँधी सांसद है और पुत्री भी कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत है . मतलब पूरा परिवार एक परिवारवाद की परिभाषा है और राजनितिक में माहिर है .

राजीव गाँधी का राजनितिक सफर (Rajiv Gandhi Political Career)

एन्टोनिया माईनो से शादी के बाद अपने दो बच्चो के साथ राजीव आराम से अपनी गृहस्थ जीवन जी रहे थे . जबकि उनके आस पास राजनितिक उथल-पथल मची हुई थी . फिर वह इंडियन एयरलाइन्स के बिजनेस टूर में वह किसी काम से कुछ दिनों के लिए लंदन गए हुए थे . तभी उसके यहाँ कुछ दुखद घटना हो गई . उनके छोटे भाई संजय गाँधी का अचानक 23 जून 1980 को हवाई जहाज दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो गया . जिससे उसके दिल में बहुत बड़ा आघात लगा.

भाई की आकस्मात मौत की खबर सुनकर वह तुरंत दिल्ली वापस आ गया. अपने छोटे बेटे की मृत्यु के पश्चात् इंदिरा गाँधी अंदर से पूरा टूट गई थी , क्योंकि संजय गाँधी हमेशा अपनी माँ के काम में हमेशा मदद किया करते थे . लेकिन अब मदद कौन करेगा इसलिए वह निराश हो गई . फिर एक दिन कांग्रेस पार्टी के सभी सदस्यों के दिमाग में एक आईडिया आया की क्यों न हम राजीव को कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बना दे ? फिर यही प्रस्ताव को सभी ने मिलकर इंदिरा जी और राजीव के सामने रखा . लेकिन इस बात पर इंदिरा ने बोलै की मै राजीव को नहीं बोल सकता अगर उसकी इच्छा राजनितिक में आने का होगा तो वह खुद निर्णय लेगा . और यह राजीव का ही निर्णय होगा .

चारो और से दबाव और अपनी माँ की इच्छा को देखते हुए अंत में राजीव ने पॉलिटिक्स में ही आना उचित समझा . और 16 फरवरी 1981 को राजीव ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर लिया . कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करने के बाद उन्होंने दिल्ली में ही किसान रैली को सम्बोधित किया . ये उनकी पहली राजनितिक सीढ़ी थी और इस प्रकार उनके कदम आगे बढ़ते गए . 1981 के आम चुनाव में राजीव गाँधी ने अमेठी से लोकसभा का चुनाव जीतकर सांसद बने . चुनाव जितने के बाद उन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के युवा अध्यक्ष बनाया गया .

राजीव गाँधी भारत के प्रधानमंत्री बना ( Rajiv Gandhi as Prime Minister of India)

पंजाब में भीतर ही भीतर खालिस्तान की मांग चल रही थी . उसमे से कुछ सिख समुदाय के खालिस्तानियों ने इंदिरा गाँधी के बोडीगार्ड्स को गलत झांसा दे कर अपने में मिला लिया . उनके दो बॉडीगार्ड सतवंत सिंह और बेअंत सिंह ने ही इंदिरा जी को मौत के घाट उतार दिया . यह घटना 31 अक्टूबर 1984 की थी उस समय राजीव गाँधी बंगाल दौरे पर थे . उन्होंने अपनी माँ की मौत की खबर बीबीसी न्यूज़ पर सुनी तो अचानक उसे 440 वाल्ट का झटका लगा . इंदिरा गाँधी की मोटर की खबर से सभी कोई सकते में आ गया . उसके मौत के बाद ही पुए राज्य में सिख दंगो की आग फ़ैल गई .

माँ इंदिरा गाँधी के निधन के बाद कांग्रेस पार्टी के महासचिव एवं कुछ सदस्यों ने मिलकर राजीव को तुरंत कार्यवाहक प्रधानमंत्री घोषित कर दिया . उसके बाद कुछ ही दिनों के बाद संसद को भंग कर दिया और देश में फिर आम चुनाव हुआ और उस चुनाव में राजीव ने 80 % वोटो के साथ भयंकर जीत दर्ज की और 40 साल की उम्र में देश के सांतवे प्रधानमंत्री बन गए .

राजीव पर लगे है ये आरोप (Rajiv Gandhi Controversie)

राजीव गाँधी देश के एक युवा और अच्छा प्रधानमंत्री थे , लेकिन उसने कुछ गलतियां ऐसी की है जिससे वे खुद ब खुद उनपे आरोप लगते गए . इसमें कोई शंका नहीं की राजीव ने बहुत सारे फैसले लिए है , फिर भी 1980 से 1990 के बीच कांग्रेस पर बहुत आरोप लगे है .

इनमे से पहला है 1984 का सिख दंगा उस दंगे बहुत सिख लोग बेघर हो गए है कई लोग अपने जान से हाथ धो बैठा . उस समय देश के प्रधानमंत्री राजीव गाँधी थे . अगर वे चाहते तो दंगा को रोक सकते थे लेकिन उसने वैसा नहीं किया .

दूसरा आरोप है भोपाल गैस कांड के मुख्य आरोपी एंडरसन को india से भागने में मदद करना . उस समय मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह थे और उसने उस पर कोई action नहीं लिया .

तीसरा आरोप है बोफोर्स कांड का मामला . रक्षा सौदे पर भी कांग्रेस पार्टी ने दलाली ली थी . इसमें आरोप था की स्वीडन से आए तोपों के supply में भी 60 करोड़ रुपया की दलाली दी गई थी . कांग्रेस पार्टी अभी भी इन आरोपों से उबर नहीं पाई है .

 

राजीव गाँधी की हत्या (Rajiv Gandhi Death)

श्रीलंका में लिट्टे के उग्रवादी बहुत दिनों से सक्रीय थे . वे श्रीलंका सरकार से कुछ मांग कर रहे थे . जिसे राजीव गाँधी ने उन मसलों को निपटने में अहम भूमिका निभाई थी , जो लिट्टे प्रमुख को नहीं भाई . और राजीव से उस बात का बदला लेना चाहते थे और वह बहुत दिनों से उससे बदला लेना चाहते थे और वे इस मौके की तलाश में थे .

संजोगवश 21 मई 1991 को मद्रास से 40 किमी की दुरी पर Sriperumbudur gaav में आम सभा थी और सभा भी सफल हुई . और sabha की समाप्ति के बाद वहां का रिवाज था पैर छूना सभी लोग आकर उनके पैर छू रहे थे . उन लोगों के भीड़ में एक औरत थी जिनका नाम था Thenmozhi Rajaratnam जिन्होंने अपने कमर में बम बांध कर आई थी और उसका रिमोट उसके हाथ में था . उस समय सुरक्षा कुछ नहीं था सभी लोग आ जाकर उनके पेअर छू रहे थे .

वही औरत जब उनके पेअर छूने के लिए झुका तो उसने उसी समय रिमोट का बटन दबा दिया . बम के bisfot होते ही राजीव गाँधी के साथ उस औरत और अन्य कई लोगों की जान चली गई . हमने देश के एक महान और युवा नेता को खो दिया . पुरे देश में शौक की लहार छ गई . बाद में राजीव गांधी की हत्या की जिम्मेदारी लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम’ नामक आतंकवादी संगठन के ने लिया था .

 

राजीव गाँधी की उपलब्धियां
  • राजीव गाँधी भारत देश के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री थे जिन्होंने phle ही आम चुनाव में बहुमत प्राप्त किया था .
  • राजीव गांधी को भारत में सूचना क्रान्ति के जनक माने जाते हैं. क्योकि इन्होने देश में कम्प्यूटराइजेशन और टेलीकम्युनिकेशन क्रान्ति का श्रेय उन्हें जाता है.
  • स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में महिलाओं को 33% रिजर्वेशन दिलवाने का काम उन्होंने किया । मतदाता की उम्र 21 वर्ष से कम करके 18 वर्ष तक के युवाओं को चुनाव में वोट देने का अधिकार राजीव गांधी ने दिलवाया।
FAQ

Q. राजीव गाँधी का पूरा नाम क्या था ?
Ans: राजीव गाँधी का पूरा नाम राजीव फ़िरोज़ गाँधी था .

 

Q. राजीव गाँधी का जन्म कब हुआ था ?
Ans: राजीव गाँधी का जन्म 20 August 1944 को हुआ था.

 

Q. राजीव गाँधी की मृत्यु कहां हुई ?
Ans: राजीव गाँधी की मृत्यु तमिलनाडु के मद्रास शहर से 40 किमी दूर श्रीपेरंबुदूर नमक स्थान पर हुई .

 

Q. राजीव गाँधी की पत्नी का नाम क्या है ?
Ans: राजीव गाँधी की पत्नी का नाम एन्टोनिया माईनो इतालवी नागरिक थी , जिन्होंने शादी के बाद नाम बदलकर सोनिया गाँधी रख लिया .

 

Q. राजीव गाँधी को किसने मारा ?
Ans: राजीव गाँधी को लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम’ नमक आतंकवादी संगठन ने मारा .

 

Q. राजीव गाँधी प्रधानमंत्री कब बने थे ?
Ans: राजीव गाँधी 31 अक्टूबर 1984 को भारत का प्रधानमंत्री बना था .

 

Q.राजीव गाँधी की समाधि कहां है ?
Ans: वीरभूमि

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