Radhe Maa Biography, Age, Husband, Wiki in Hindi-राधे माँ का जीवन परिचय

Radhe Maa Biography, Age, Husband, Wiki in Hindi(राधे माँ का जीवन-चरित्र परिचय)

भारत देश हिन्दु-प्रधान देश है, तो जाहिर है यहां पर धर्म-गुरुओ की कमी नही होगी । राधे मां भी एक अध्यात्मिक धर्म-गुरु है । राधे मां के अनुयायी भारत के अलावा विदेशों मे भी फ़ैले हुए है।

Radhe Maa का परिचय
वास्तविक नामसुख्विन्दर कौर
प्रसिध्द नामराधे मां
जन्म दिवस4 अप्रैल 1965
जन्म स्थानदोरंगाला गांव, जिला-गुरुदासपुर (पंजाब)
पतिमोहन सिंह
धर्मसिख
व्यवसायअध्यात्मिक धार्मिक गुरु

राधे मां का असली नाम सुखविंदर कौर है। और उनका जन्म 4 अप्रेल 1965 को पंजाब के गुरुदासपुर जिले के दोरांगला गाव में हुआ था ।

उन्हे पढाई-लिखाई में बिल्कुल मन नही लगता था । इसलिए मात्र क्लास 10 तक ही शिक्षा ग्रहण कर पाई । राधे मां का बचपन से ही ईशवर के प्रति बहुत ज्यादा लगाव था । वह ज्यादातर खाली समय काली माता के मन्दिर में बिताती थी । उन्हें शुरू से ही अध्यात्म थी |

18 बर्ष के उम्र में उनकी शादी मोहन सिंह से हुई, जो मुकेरियन गांव पंजाब से ही थे|  उनका मिठाई की दुकान थी  और वे एक जॉइंट फॅमिली से थे |

तत्पश्चात राधे माँ को दो संतान भी हुई | ऐसा माना जाता है की उनकी पति की आय बहुत काम होने के कारन , सुखविंदर कौर सिलाई- कढ़ाई का काम करके घर चलती थी |

इसी बिच उसके पति मोहन सिंह ने मिठाई की दुकान को बंद कर दी | और पत्नी और दोनों बच्चो को छोड़कर बेहतर कमाई का जरिया के लिए खाड़ी देश यानि दोहा-क़तर चले गए |

पति को विदेश चले जाने के बाद वो अकेला हो गई और इस दरम्यान उसका मन अध्यात्म की ओर आकर्षित होने लगी । और महंत राम दीन दास 1008 परमहंस बाग डेरा मुकेरियन गांव से थे, तो सुखविन्दर वहां नियमित जाकर शिक्षा-दिक्षा लेने लगी ।

अन्तत: वो 23 साल की उम्र में सांसांरिक मोह-माया को त्यागकर महंत राम दीन दास होशियारपुर जिले के 1008 परमहंस बाग डेरा की परम भक्त बन गयी।

बच्चपन से ही राधे मां का झुकाव भगवत भक्ति की ओर था, तो उसे कहां शिक्षा प्राप्ति में मन लगता ।

राधे मां (Radhe Maa ) का अध्यात्मक का सफ़र

पति को विदेश चले जाने के बाद वो अकेला हो गई और इस दरम्यान उसका मन अध्यात्म की ओर आकर्षित होने लगी । और महंत राम दीन दास 1008 परमहंस बाग डेरा मुकेरियन गांव से थे, तो सुखविन्दर वहां नियमित जाकर शिक्षा-दिक्षा लेने लगी ।

अन्तत: वो 23 साल की उम्र में सांसांरिक मोह-माया को त्यागकर महंत राम दीन दास होशियारपुर जिले के 1008 परमहंस बाग डेरा की परम भक्त बन गयी।

फ़िर महंत राम दीन दास ने उसे अपने परम शिष्या मानकर उसे शिक्षा देने लगे और इस प्रकार उसने कुछ ही महिनों में उससे दीक्षा भी ग्रहण कर ली । और उन्हे राधे मां से अलंकृत किया गया। फ़िर वो सुखविन्दर कौर से राधे मां हो गई ।

और उसने सन्यासिन का चोला धारण कर लिया और संसार को उपदेश देने लगी । जिसमें पंजाब के कुछेक शहर शामिल है जैसे- होशियारपुर, कपुरथला आदि आदि ।

तांत्रिक शिक्षा

आश्रम में रहते हुए उनहोने तंत्र-मंत्र की भी शिक्षा ली थी। और इस तंत्र-मंत्र के द्वारा लोगों की समस्या दुर किया करते थे । और इस प्रकार धीरे-धीरे इनका नाम और यश बढने लगा ।

और फ़िर वो किसी एक भक्त ने अपने निजी काम के लिए मुम्बई बुलाया और फ़िर वे वही रहने लगी ।  मुम्बई में रहते हुए मां ने लोगों का बहुत दुख -दर्द दुर किया और इस प्रकार उनके भक्तों की संख्या दिन दुनी रात चौगुनी की रफ़्तार से बढने लगे ।

समाजसेवी के रुप में

फ़िर उनहोने बर्ष २०१३ में  ” श्री राधे मां चेरिटेबल ट्र्स्ट” के नाम से एक संस्था का निर्माण किया । इनके ट्र्ष्टी के देखभाल संजीव गुप्ता परिवार है । यहां उनके अनुयायियों का हमेशा तांतां लगा रहत है।

उनके भक्त भारत के अलावा विदेशों में भी है और हाई-प्रोफ़ाईल की बात करें तो बडे-बडे राजनेता और बडे-बडे फ़िल्म स्टार भी राधे मां के परम भक्त है । मुम्बई से रहते हुए धर्म-प्रचार के लिए पंजाब भी जाती रहती है । संजीव गुप्ता ने मां के नाम को बहुत आगे बढाया, प्रचार आदि के माध्यम से ।

Radhe Maa and Controversy

राधे मां का विवादों से शुरु से ही नाता रहा है। इससे वो और भी लाईट में आई, उनका और भी नाम सभी ने जान गया । एक तरफ़ लोग इनहे देवी के अवतार मानकर पुजते है तो दुसरी तरफ़ लोग इस पर उंगली भी उठाते है ।

फ़िल्म-अभिनेत्री डॉली विन्द्रा ने उसपर संगीन आरोप लगाया है तथा राहुल महाजन ने भी इसी तरह के आरोप लगाएं है ।

राधे मां को दुल्हन की तरह सज-धज कर लाल जोडे में  रहना , पसंद है तथा सोने के आभुषणों से लदी रहना और वे हमेशा इसी तरह ही रहती है, तो जिन लोगों कॊ ये पसंद  नही है वो कहते है कि राधे मां एक सन्यासी है तो उसे चोला धारण करके ही रहना चाहिए । वे उनपर आरोप लगाते है ।

वे अपने भक्तों से अलग अंदाज में पेश आती है, जो लोगों को पसंद नही है । इनके भक्तों  एवं आश्रअम बढते जा रहे है, जापान, अमेरिका, कनाडा आदि देशों में मां के आश्रम संचालित हो गये है । और ये अपना प्रोग्राम भी शाही अंदाज में करते है । राहुल महाजन ने इनहे  छोटे कपडे पहनने पर आरोप लगाया और कहा कि ये गलत है, समाज में गलत संदेश जाएगा, तो कुछ लोग इनहे ठग भी कहते है ।

राधे मां ने समाज सेवा के लिए अपने घर-परिवास सभी त्याग दिया, और एक सन्यासिन का चोला धारण कर समाज की सेवा में लगी रहती है । आप अच्छे काम करोगे तब भी लोग आपको कुछ न कुछ कहेगें नही करेगें तो भी लोग कहेगें ।

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