Kader khan biography – कादर खान की जीवनी परिचय…

Kader khan biography – कादर खान की जीवनी परिचय…

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कादर खान का जीवन परिचय (Kader khan biography in Hindi)

Kader khan हिन्दी फ़िल्म जगत में कोमेडी किंग कादर खान को कौन नही जानता है? वे एक ऎसे व्यक्ति थे, जिनकी फ़िल्मों में गहरी पैठ थी । उनहोने फ़िल्मों में कई  तरह के रोल किए है जैसे:- पिता का, वकील का, खलनायक का, अभिनेता का, कोमेडियन का आदि । उन्होने करीब 400 से अधिक हिन्दी फ़िल्मों में बतौर कार किया, 100 से अधिक फ़िल्मों में उन्होने अपने डायलोग भी दिए । 500 से अधिक फ़िल्मों में इनहोने संवाद भी लिखा ।

कादर खान एक हांस्य-अभिनेता थे।

कादर खान एक महान अभिनेता, कोमेडियन, खलनायक, स्क्रिप्ट राईटर, डॉयलाग राईटर तथा डायरेक्टर भी रह चुके है । वो जिस फ़िल्म में होते थे, फ़िल्म में जान आ जाती थी । वे नेगेटिव रोल को भी इतना अच्छा से करते थे, कि वो फ़िल्म भी टोप हो जाता था । वे फ़िल्मों में हमेशा अच्चॆ रोल के लिए जाने जाते थे । वो जो भी भुमिका करते थे, उसे वे बखुबी से निभाते थे और उनके फ़ैंस उनहे बहुत पसंद करते थे । वे हजारो, करोडों फ़ैंस के दिलों पर राज करते थे ।इन्हे कोमेडी के बादशाह कहना अनुचित नही होगा ।

कादर खान के बारे मे बारे मे महत्वपुर्ण तथ्य (Kader khan important information in Hindi):

पुरा नाम (Full Name) कादर खान
जन्म दिन (Birth Date) 22 अक्टूबर 1937
जन्म स्थान (Birth Place) काबुल , अफ़गानिस्तान
मृत्यु (Death) 31 दिसम्बर 2018
राशि (Zodiac) वृश्चित
लम्बाई (Length) सें०मी०-172, मी०-1.72 m,फ़ीट-5′ 8″
मृत्यु स्थान (Death Place) टोरंटो, ओंटारियो, कनाडा
मृत्यु के समय उम्र 81 बर्ष
प्राप्त नागरिकता (Citizenship) भारत और कनाडा देश की

परिवार (Family)

पिता(Father) अब्दुल रहमान खान(कंधार)
माता(Mothers) माता(Mothers)
भाई (Brothers) 3 भाई है जिनके नाम- शाम उर रहमान, फ़जल रहमान और हबीब उर रहमान
बहन (Sister) None
धर्म(Religious) इस्लाम
जाति(Tribe) पश्तुन
गृह (Home) मुबंई,भारत
शादीशुदा (Marital Status) हाँ विवाहित
पत्नी का नाम (Spouse) अजरा खान (गृहणी)
बेटे (Sons) क्युडस खान, सरफ़राज खान और शहनवाज खान
बेटी (Daughter) कॊई नही
पालन-पोषण मुबंई के कमाठीपुरा इलाके में
स्कूली शिक्षा (Primary) स्थानीय नगरपालिका स्कुल, मुबंई
महाविधालय/विश्वविधालय इस्माइल यूसुफ कॉलेज,मुबंई
शिक्षा (Education) इस्माइल यूसुफ कॉलेज से मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग
प्रोफ़ेसर (Professor) साबू सिद्दीक कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग में पढाया

विशेषता (Speciality) : 

ये ऎसे चंद अभिनेताओ मे आते है, जिनकी जोडी किसी अभिनेत्री के साथ नही , वरन  उनकी जोडी ज्यादातर पसंद की गई गोबिंदा, शक्ति कपुर, असरानी, अरुना ईरानी और अनुपम खेर तथा जॉनी लीवर के साथ देखी गई। दर्शक हंसते-हंसते लोट-पोट हो जाते थे ।

पेशा – Occupation

पेशा     इन्होने फ़िल्मों में अभिनेता, सपोर्टिंग रोल के अलावा,वे एक स्क्रिप्ट राईटर, डॉयलोग लेखक , कोमेडियन तथा फ़िल्म निर्देशक भी थे ।

अभिनित हिन्दी (Popular Films)   

फ़िल्म  राजा बाबु, साजन चले ससुराल, आंटी नम्बर दुल्हे राजा, जुदाई, सपुत, आग, साजन का घर, कुली न०1, आँखें, खुद्दार, दिल है बेताब, अंगार, बोल राधा बोल, नसीब, अदालत, दाग, लकी, सुनो ससुरजी, धडकन, कुवांरा, बिल्ला नम्बर 786, किल दिल, मिस्टर मनी, डोण्ट वरी,  आदि

डायलोग लिखित फ़िल्म्स

महाचोर, चिल्ला बाबू, धर्म कांटा, फिफ्टी फिफ्टी, नया कदम,  मास्टरजी और नसीहत फिल्मों के लिए डायलोग लिखा

फ़िल्मों में सवांद(Writting in Films) 

धरम वीर, गंगा जमुना सरस्वती, कुली, देश प्रेम, सुहाग, परवरिश और अमर अकबर एंथनी में स्क्रीन-प्ले लिखा ।

फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड फ़िल्म     

मेरी आवाज सुनो और अगार, बाप नम्बरी बेटा दस नम्बरी

कादर खान का जन्म और पारिवारिक दृष्य

कादर खान का जन्म काबुल में 22 अक्टूबर 1937 को हुआ था । इनके पिता का नाम अब्दुल रहमान जो कंधार से थे और उनकी माँ का नाम इकबाल बेगम जो ब्लुचिस्तान से थी । कादर खान अपने माता-पिता के चार संतान में से एक थे । इनके तीन भाई के नाम इस प्रकार है- शाम उर रहमान, फ़जल रहमान और हबीब उर रहमान| इनके माता-पिता पास्थुन के काकर जनजाति के थे ।

मुबंई में इनका परिवार कमाठीपुरा इलाके में रहते थे । इन्होने अजरा खान से शादी की है । इनके तीन पुत्र है सरफ़राज खान, शहनवाज खान तथा कुड्डुस खान जो कनाडा में रहते है और बाकी के दो भारत में । इनके परिवार में पत्नी और दो पुत्र के साथ मुबंई में रहते है । कादर खान भारत में एक मुस्लिम परिवार से सबंध रखते है , जबकि उनहे  भारत और कनाडा दो देशों की नागरिकता भी प्राप्त है ।

इनके पुत्र सरफ़राज खान ने कई फ़िल्मों में काम भी किया है । जरीना खान अभिनेत्री और मोडल भी इसी परिवार से सबंध रखती है । कादर खान के पुत्र शहनवाज खान ने २ फ़िल्मों मिलेंगे-मिलेंगे और वादा मे डायरेक्टर सतीस कौशिक के साथ असिस्टेण्ट डायरेक्टर के रुप में काम भी किया ।

कादर खान अपने काम को बडे की लग्न और मेहनत से करते थे । और इसके लिए वे हमेशा व्यस्त रहते थे और अपने बच्चों के लिए समय नही दे पाते थे ।

उनके पुत्र सरफ़राज ने इस बात को मीडिया से रुबरु में बताया कि जब में छोटा था तब में कभी अपने पापा के सेट पर भी नही जाते थे। क्योकिं कादर खान यह नही चाहते थे कि उनका पुत्र पढाई को छोडकर अन्यत्र कहीं ध्यान लगाएं । उन्हे पत्रिका पढने से भी मनाही थी ।

पापा जब सुटिंग के लिए कभी-कभी बहार भी चले जाते थे तो मुझे देखभाल के लिए मेरी माँ ही थी जो हमारी देखभाल करती थी । जब पापा ( कादर खान) की फ़ोटो टेलीविजन पर आता था तो मैं बहुत रोमांचित हो जाता था, कि मेरे पापा एक अभिनेता है ।

शिक्षा (Education)

कादर खान ने अपनी पढाई की शुरुआत एक म्युनिसिपल स्कुल से की । और इंजीनियरिंग की पढाई उसने मुबंई के इस्माईल युसुफ़ कॉलेज जो मुबंई विश्वविधालय से सबंधित है में प्रवेश लिया और बाद में सिविल इंजीनियरिंग के पढाई के लिए उसने विशेषज्ञता प्राप्त इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) से मास्टर डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग (MIE) किया।

कादर खान ने 1970 से 1975 तक, बायकुला में एम एच साबू सिद्दीक कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग में एक प्रोफेसर के रूप में पढाया |

कादर खान के केरियर की शुरुआत (Kader khan debut in bollywood)

कॉलेज के सांस्कृतिक प्रोगाम में अक्सर भाग लेते रहते थे । तो एक बार उनहोने एक सांस्कृतिक प्रोग्राम में तास के पते नाटक पर अभिनय कर रहे थे, तो इस दरम्यान प्रसिध्द हांस्य कलाकर आगा ने देखा कि इस बालक में कलाकार के सारे गुन मौजुद है । तो उसने यह बात को उस समय के सुपर हिट कलाकार एवं अभिनेता दिलीप कुमार को बताया ।

फ़िर अभिनेता दिलीप कुमार ने एक नाटक का प्ले करने को कहा गया और उसके भुमिका से बहुत अधिक प्रभावित हुए । और अपने आनेवाले 2 फ़िल्में सगीना और बैराग के लिए उन्हे काम दे दिया।  एक नया कलाकार के लिए यह बहुत बडा गर्व और सम्मान की बात है ।

कादर खान की फ़िल्मी सफ़र कि शुरुआत (Kader khan Filmy Career)

कादर खान ने अपने फ़िल्मी सफ़र की शुरुआत 1973 से की उनकी पहली फ़िल्म दाग थी जिसमें उसने एक वकील की भुमिका में थे जो अभियोगपक्ष की ओर से था । शुरु-शुरु में उन्ह संघर्ष करना पडा फ़िर अपने आप रास्ते मिलते गए।

कादर खान एक कोमेडी स्टार होते हुए भी उनहोने फ़िल्मों में पटकथा एवं संवाद भी लिखॆ है । कादर खान ने 450 हिन्दी फ़िल्मों में काम किया है तथा हिन्दी तथा उर्दू फ़िल्मों को मिलाकर करीब 300 फ़िल्मों में संवाद भी लिखे है ।

कादर खान एक मिलनसार किस्म के व्यक्ति थे। उन्होने अभिनेता राजेश खन्ना, जीतेन्द्र, फ़िरोज खान, अभिताभ बच्चन, अनिल कपुर तथा गोबिंदा जैसे अभिनेता के साथ काम किया है । कहा जाता है कि अभिनेता गोबिंदा के साथ उनका खास लगाव था ।

तथा हांस्य-कलाकारों जैसे-शक्ति कपुर, असरानी, जॉनी लीवर तथा अनुपम खेर के साथ उनकी जोडी खुब फ़बती थी । उन्होने अमरीश पुरी तथा प्रेम चोपडा के साथ भी काम किया है। हिम्मतवाला और आज का दौरा से उन्होने फ़िल्मों में कोमेडी शुरु किया था ।

कादर खान द्वारा अभिनित कुछ हांस्य फ़िल्मों के नाम:

सिक्का, किशन कन्हैया, हम, घर परिवार, बोल राधा बोल, तकदीरवाला, मै खिलाडी तु अनाडी, दुल्हे राजा, कुली न०१, साजन चले ससुराल, सुर्यवंशम, जुदाई, चाची न०१,बडे मियां छोटे मियां, राजा बाबु, खुद्दार, छोटे सरकार, घरवाली बाहरवाली, हीरो हिन्दुस्तानी, सिर्फ़ तु, अनारी न०१,अंखियां से गोली मारे, चलो इशक लडाए, सुनो ससुरजी, ये है जलवा, मुझसे शादी करोगी, आँखें आदि।

कादर खान की फ़िल्मो की सुची

दाग, दिल दिवाना, मुकद्दर का सिकंदर, मिस्टर नटवरलाल, मास्टरजी,धर्म अधिकारी, नसीहत, दोस्ती दुशमनी, घर संसार, लोहा, इंसानियत के दुशमन, इंसाफ़ की पुकार, खुद्दार, शेरनी, खुन भरी मांग, सोने पे सुहागा, जैसी करनी वैसी भरनी, बीबी हो तो ऐसी, घर हो तो ऎसा, हम है कमाल के, बाप नम्बरी बेटा दस नम्बरी, 

कादर खान द्वारा संवाद लिखित फ़िल्म:

रोटी, महाचोर, चिल्ला बाबु, धर्म-कांटा, फ़िफ़्टी-फ़िफ़्टी, नया कदम, मास्टरजी, हिम्मतवाला, जानी दोस्त, सरफ़रोश, जस्टिस चौधरी, फ़र्ज और कानुनन,जीना और जीना, तोहफ़ा, कैदी, हैसीयत और नसीहत

कादर खान द्वारा पटकथा लिखित फ़िल्म

धर्मवीर, गंगा जमुना सरस्वती,कुली, देश प्रेम, सुहाग, परवरिश, अमर अकबर अन्थोनी, मिस्टर नटवरलाल, खुन पसीना, सते पे सता, इंकलाव, हम, अग्निपथ

इनके अलावा कादर खान ने छोटे पर्दे पर भी काम किया है जैसे- हाई पडोसी कौन है पडोसी तथा Mr & Mrs Khiladi

कादर खान अवार्ड (Kader Khan Awards)
  • इन्हे 1982 में फ़िल्म मेरी आवज सुनो में बेस्ट डॉयलोग के लिए फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड मिला ।
  • इन्हे 1993 में फ़िल्म अंगार में बेस्ट डॉयलोग के लिए फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड मिला ।
  • बाप नंबरी बेटा दस नंबरी फ़िल्म में बेस्ट कोमेडियन के लिए उन्हे सन 1991 मे फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड मिला ।
कादर खान का निधन (Kader Khan Death)

कादर खान लम्बे समय से एक बीमारी से पीडित थे, जिससे उसके मन-मस्तिष्क ने काम करना बंद कर दिया था । इसलिए वे एक लम्बे समय से अस्पताल में भर्ती थे । अन्तत: 31 दिसम्बर 2018 को कनाडा के एक अस्पताल में अन्तिम सांस ली ।

कादर खान हमलोगों के बीच नही रहे , लेकिन जब-जब हम उनके हांस्य-फ़िल्म को देखेंगे तब-तब उसकी याद हमे खलेगी ।

वह एक बेहतरीन हांस्य-कलाकार, अभिनेता, पटकथा-संवाद तथा फ़िल्म निर्देशक थे । भगवान उसकी आत्मा को शांति दे ।

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