Winter season Essay in Hindi- शरद ऋतु पर निबंध

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Winter season Essay in Hindi- शरद ऋतु पर निबंध


शरद ऋतु का हमारे जीवन मे खाश महत्व है । शरद ऋतु ग्रीष्म ऋतु के बाद आता है । यह ऋतु ग्रीष्म ऋतु तथा पतझड (वसंत ऋतु) के बाद आता है । इस ऋतु की शुरुआत नवम्बर माह से होती है, यानी नवम्बर से जनवरी माह तक शरद ऋतु होती है । लेकिन कभी कभी यह ऋतु नवम्बर से चालू होती हैं और मार्च तक चलता है । होली के महीने में भी ठंढ का एहसास होता है ।शरद ऋतु को शीत ऋतु या ठंढा ऋतु भी कह सकते है ।

शरद ऋतु यानी ठंढा यानी इस ऋतु में हमें ठंढ लगती है । इस मौसम के शुरुआत में कम ठंढक लगती है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता जाता है शर्दी बढती जाती है । यह मौसम सबसे ठंढा वाला मौसम होता है, लेकिन दिसम्बर से लेकर जनवरी तक बहुत शर्दी रहती है ।

इस मौसम में हमे बहुत ठंढक का ऎहसास होता है । चारो तरह ठंढी-ठंढी हवा बहती है और तापमान बहुत गिर हो जाता है । इस मौसम में दिन छोटी तथा रात बडी होती है । अत्यधिक ठंढ होने के कारन घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है । कभी-कभी घना कोहरा छा जाता है और दिन में साफ़-साफ़ कुछ भी नजर नही आता है । पूरा दिन शीतलहर के चपेट में आ जाता है । और कई दिन हम सभी शीतलहर में ही गुजरना पड़ता है ।

पहाड़ी क्षेत्र में घरों, पेड़ों, और घासों सहित, मैदानों में बर्फ की सफेद मोटी चादर से ढक जाते हैं और यह दृष्य देखने मे बहुत ही सुन्दर लगते हैं। इस मौसम में, पहाड़ी क्षेत्र बहुत ही सुन्दर दृश्य की तरह लगते हैं। सर्दियों में कड़ाके की ठंड और मौसम की स्थिति के कारण, लोगों को घर से बाहर जाने के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर लम्बी लम्बी गाड़ियों का तांता लग जाता है । आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाता है ।

घने कोहरे और खराप मौसम की वजह से मौसम विभाग चेतावनी जारी करता है सभी उड़ाने रदद् हो जाती है । परिणामस्वरूप यात्रियों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है । कभी-कभी इस ऋतु में बारिश भी होने लग जाती है जिससे हालात और बिगड़ जाता है । भयंकर ठंढ बढ़ जाने की वजह से कई वृद्ध मानव और पशु मर जाते है ।

शरद ऋतु क्यों आती है

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि, पृथ्वी अपनी धुरी पर सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती रहती है। और इसी घूर्णन के रात मौसम में परिवर्तन होता है जैसे- गर्मी, सर्दी और बरसात आदि । जब पृथ्वी उत्तरी गोलार्द्ध (अर्थात् सूर्य से दूरी) पर चक्कर लगाती है, तो सर्दी होती है। और जब पृथ्वी दक्षिणी गोलार्ध होती है तब गर्मी ऋतु आती है ।

फसलें


शीत ऋतु का अपना विशेष महत्व होता है। शीत ऋतु के आरंभ में कम तापमान में गेहूँ जैसी फसलों को बोया जाता है। शीत ऋतु में अधिकतर हरी सब्जियों की भरमार होती है। शीत ऋतु में हम मेथी, गाजर, मटर, बैंगन, गोभी, धनिया,  मूली जैसी हरी सब्जियों को आसानी से प्राप्त कर पाते हैं। सूर्य के निकलने पर अलग-अलग रंग के फूल खिलते हैं और पूरे वातावरण को नया रुप देते हैं।

शरद ऋतु का महत्व

इस ऋतु में अत्यधिक सर्दी पड़ने से हम परेशान होकर थोड़ी सी गर्मी पाने और आरामदायक महसूस करने के लिए सुबह और शाम को गर्म कॉफी, चाय, सूप आदि का सेवन करते हैं। कुछ लोग रविवार को दोपहर के समय सूर्य से प्राकृतिक रुप से गर्मी लेने के लिए पिकनिक पर जाते हैं और अपने परिवार व मित्रों के साथ मनोरंजन करते हैं। हम रात को स्वयं को गर्म रखने और सर्दी से बचाने के लिए अपने बिस्तर पर जल्दी जाते हैं।

इस ऋतु में पाचन शक्ति बहुत ही मजबूत होती है इसलिए इस समय लोग आराम से भोजन कर पाते हैं। क्योकि पाचन बहुत अच्छी से होती है । ठंड के समय में अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छे खान-पान का भी ध्यान रखना पड़ता है। तापमान कम होने की वजह से त्वचा रुखी और सफ़ेद हो जाती है इसीलिए त्वचा का विशेष ध्यान रखा जाता है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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