New Parliament Building – नए संसद भवन जानें क्‍या होगा इसमें खास

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New Parliament Building – नए संसद भवन जानें क्‍या होगा इसमें खास

पीएम नरेंद्र मोदी ने 10 दिसंबर को नए संसद भवन का उद्घाटन किया और इसका निर्माण 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसकी अनुमानित लागत 971 करोड़ रुपये आंकी गई है ।

संसद भवन लोकतंत्र का मंदिर हैं जो 100 साल पूरे कर रहा है। … हमारे देशवासियों के लिए यह गर्व की बात है कि आत्मानिर्भर भारत के प्रमुख उदाहरण के रूप में नए संसद भवन का निर्माण अति शीघ्र ही किया जाएगा । आजादी की 75 वीं वर्षगांठ 2022 में नए संसद भवन बनकर तैयार होगी और उसमें आयोजन होगा । यह भवन  भूकंपरोधी होगी और  निर्माण में 2000 लोग सीधे तौर पर और 9 हजार लोग अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे।

नई इमारत में 1,224 सांसद एक साथ बैठ सकते हैं। भविष्‍य में सांसदों की संख्‍या को बढ़ने के मद्देनजर नया संसद भवन बनाया गया है, जबकि दोनों सदनों के सभी सांसदों के लिए एक नया कार्यालय परिसर मौजूदा श्रम शक्ति भवन में बनाया जाएगा। नए भवन में लोकसभा सदस्यों के लिए लगभग 888 सीटें होंगी और राज्यसभा सदस्यों के लिए 326 से अधिक सीटें होंगी।

नया संसद भवन 64,500 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा। टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को परियोजना का ठेका दिया गया है। डिजाइन एचसीपी डिजाइन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है।

और पुराने संसद भवन का देखभाल किया जाएगा क्योंकि यह देश की पुरातात्विक संपत्ति है। मौजूदा इमारत ब्रिटिश युग की इमारत है, जिसे एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर द्वारा डिजाइन किया गया था ।

पुराने संसद भवन का नींव 12 फरवरी, 1921 को रखा गया था। और इसके निर्माण में छह साल लगे थे। उस समय संसद भवन की लागत 83 लाख रुपये आई थी। और पुराने संसद भवन का उद्घाटन 18 जनवरी 1927 को भारत के तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड इरविन द्वारा किया गया था।

नई संसद भवन इमारत का स्‍वरूप पुराने संसद भवन के समान होगा। उन्होंने कहा कि नई इमारत में एक तहखाना, भूतल, पहली और दूसरी मंजिलें होंगी और इसकी ऊंचाई भी पुरानी इमारत जैसी ही होगी, ताकि दोनों समरूपता में हों। इसके उदघाटन समारोह में निमंत्रण सभी राजनीतिक दलों को दिया जाएगा। कुछ लोग शारीरिक रूप से भाग लेंगे और अन्य लोग वर्चुअल उपस्थित होंगे।

नए संसद भवन के निर्माण कार्य के दौरान वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए गए हैं। इसमें सभी सांसदों के लिए अलग-अलग कार्यालय होंगे और जिन्हें ‘पेपरलेस ऑफिस’ बनाने की दिशा में एक कदम के रूप में नवीनतम डिजिटल इंटरफेस से लैस किया जाएगा। नई इमारत में भारत की लोकतांत्रिक विरासत के रूप में एक भव्य संविधान हॉल, संसद के सदस्यों के लिए एक लाउंज, एक पुस्तकालय, कई समिति कक्ष, भोजन क्षेत्र और पर्याप्त पार्किंग स्थान भी होगा।

वर्ष 2020 के सितंबर महीने में टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने 861.90 करोड़ रुपये की लागत से नए संसद भवन के निर्माण के लिए बोली लगाई थी। इस  भवन का निर्माण सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत पुराने संसद भवन के करीब किया जाएगा।

पुराने संसद भवन को संसदीय आयोजनों के लिए अधिक उपयुक्‍त कार्यात्मक स्थान प्रदान करने के लिए भव्‍य बनाया जाएगा, ताकि नए भवन के साथ इसका उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। मौजूदा इमारत 560 फीट व्यास की एक विशाल गोलाकार इमारत है।

पार्लियामेंट हाउस एस्टेट एक सजावटी लाल बलुआ पत्थर की दीवार या लोहे के गेट से घिरा हुआ है, जिसे अवसरों की मांग के अनुसार बंद किया जा सकता है। भवन में कुल बारह द्वार हैं। संसद भवन की नई इमारत का डिजाइन त्रिभुज (Triangle) के आकार का होगा ।







 

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