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देश दुनिया के १० सबसे ऊँचे प्रतिमाये -top ten statue in the world

List of top ten statues in the world 2018

 

 

 

दुनियां के द्स प्रतिमाएं

 

Top Ten Statue : विश्व के टोप ten स्टेचू कौन-कौन से है और वे कहां स्थित है और उसकी उचाई क्या है :-

1. स्टेचू ऑफ़ यूनिटी ( Statue of Unity ) :- ये प्रतिमा हमारे देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री तथा प्रथम गृहमंत्री लौहपुरुष (Iron Man) सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्मारक है | जिनका शिलान्यास केवडिया में ३१ अक्टूबर २०१३ को 138वीं वर्षगांठ  पर गुजरात राज्य के मुख्य-मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया था | स्टेचू ऑफ़ यूनिटी सम्बंधित कुछ बातें :-

  • यह स्मारक सरदार सरोवर बांध से 3.2 किमी की दूरी पर साधू बेट नामक स्थान पर है।
  • यह प्रतिमा गुजरात में नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर बनाई गई है और इसकी लंबाई इतनी ज्यादा है  कि इसे 7 किलोमीटर की दूरी से भी देखा जा सकता है।
  • यह प्रतिमा पर तेज दबाव 180 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवा में भी स्थिर खड़ा रह सकेगा। तथा 6.5 तीव्रता के भूकंप को भी यह प्रतिमा सह सकती है।
  • इस स्मारक का उद्घाटन अनावरण सरदार पटेल की पुण्य तिथि ३१ अक्टूबर २०१८ को तात्कालिक प्रधान-मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया|
  • जब इस स्मारक का शिलान्यास मोदी जी ने किया उस समय वो गुजरात के मुख्य-मंत्री थे , लेकिन जब उन्होंने इस स्मारक का अनावरण किया तब वे भारत देश के प्रधान-मंत्री है |
  • विश्व की सबसे ऊंची इस मूर्ति की लम्बाई 182 मीटर (597 फीट) है।  इससे पहले अमेरिका की स्‍टेचू ऑफ लिबर्टी तथा चीन की स्प्रिंग टेंपल बुद्धा का जिक्र होता था। इसके अलावा म्‍यांमार में भी भगवान बुद्ध की प्रतिमा की गिनती दुनिया की ऊंची प्रतिमाओं में की जाती है। इसकी ऊंचाई 120 मीटर है। जिनकी लगत २९८९ करोड़ है |
  • यह प्रतिमा अमेरिका की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुनी है। इसकी लंबाई 182 मीटर है, जबकि स्‍टैच्‍यू ऑफ लिबर्टी की लंबाई 93 मीटर है।
  • इस प्रतिमा का कुल वजन 1700 टन है। इसके पैर की हाइट 80 फीट है | हाथ की ऊंचाई 70 फीट, कंधे की ऊंचाई 140 फिट और चेहरे की ऊंचाई 70 फिट है।
  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंचने के लिए लिफ्ट भी लगाई गई है। ये लिफ्ट प्रतिमा की छाती तक पहुंचेगी। वहां से खड़े होकर नर्मदा नदी का नजारा देखा जा सकता है। इसमें लेजर लाइटिंग की गई है।  इसे बनाने में ४ धातुओं का प्रयोग किया गया है, जिससे बर्षो तक जंग नहीं लगेगी | इस प्रतिमा में ८५% ताम्बा का उपयोग किया गया है |
  • इस प्रतिमा को बनाने में करीब तीन साल लगा , जिसमे देश विदेश के 250 शिल्पकार और 3000 मजदुर रात-दिन मेहनत करके इसका ढांचा तैयार किया है |  और इस पूरी प्रकिर्या  70 हजार टन सीमेण्ट तथा 22500 टन पीतल इस मुर्ति  में लगे है |
  • इस प्रतिमा के साथ में 250 एकड में वेली ऑफ़ फ़्लावर का ग्राडेन बनाया गया है, जिसमे 100 से अधिक प्र्कार के फ़ूल है |

2. स्प्रिंग टेम्पल बुद्धा (Spring Temple Buddha)  : ये प्रतिमा भगवन बुद्ध की विशाल मूर्ति है, जो चीन के हिनान शहर के जाओकुन कस्बे (लुशान काउन्टी) में स्थित है। यह 153  (502 feet ) मीटर की ऊँचाई , जिसमें 25 feet का कमल सिंहासन है उसे लेकर 153 मीटर  है | इसका निर्माण प्रकिया 1997  में शुरू हुई थी और 2008  में पूरा हुआ । प्रतिमा 20 मीटर लंबे लोटस सिंहासन पर खड़ी है, जिसमें तांबे के 1100 टुकड़े शामिल हैं।वसंत मंदिर बुद्ध के निर्माण के लिए 55 मिलियन डॉलर का अनुमान लगाया गया था।

 

3. लायकुन सेटकीयर  ( Laykyun Setkyar) :  यह स्टेचू दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची प्रतिमा म्यांमार में स्थित है , इस प्रतिमा की ऊंचाई 116 मीटर है, प्रतिमा का बेस (आधार ) एक सिंहासन पर कड़ी है जो १३.५ मीटर ऊँची है । और इसी बेस पर प्रतिमा कड़ी है | प्रतिमा के अंदर लिफ्ट लगी है, जिससे आप पुरे शहर को देख सकते है | इनका निर्माण कार्य 1996 में शुरू तथा 2008 में संपन्न हुआ।

 

4. यूशिको डायबूट्सू  (Ushiku Diabutsu) :  यह प्रतिमा जिनकी ऊंचाई १२० मीटर है और यह प्रतिमा जापान के योशिको शहर में बना हुआ है | यह प्रतिमा कांसे का बना हुआ है, और इस प्रतिमा के अंदर चार तल्ला है, जिससे आप लिफ्ट के सहारे पुरे शहर का जायजा ले सकते है |
इसके पहले तल्ला पर पर्यटक संगीत सुन सकते हैं, दूसरा तल्ला पूरी तरह से शास्त्रपूर्ण अध्ययन के लिए बना हुआ , तीसरा तल्ला पर 30000 बुद्ध मूर्तियों से भरा है। शीर्ष स्तर से पर्यटक मूर्ति के परिवेश के भीतर ही सुंदर उद्यान देख सकते हैं।

 

5. भगवान बुद्ध की प्रतिमा :  यह प्रतिमा चीन के हैनान शहर में बना हुआ है , जिसकी ऊंचाई १०८ मीटर है | इस मूर्ति में
तीन चेहरे है | इनका एक चेहरा अंतर्देशीय तथा दो चेहरे समुद्र की और है | राचैहन ये मूर्तियां चीनी सम्राट यान और हुआंग को मनाने के लिए बनाई गई है। इस मूर्ति को बनाने में १९८७ से शुरू हुआ और पूरा २० साल लगा |और कुल लगत $ 22.5 मिलियन खर्च हुआ और मूर्ति की
आंखें 3 मीटर चौड़ी हैं और नाक की लंबाई 6 मीटर है।

 

6. सेंडाइ डिकानन (Sendai Daikanon) : यह प्रतिमा भगवान बुद्ध की है जो जापान के सेंडाइ में स्थित है, जिसकी ऊंचाई १०० मीटर है|
ये मूर्ति सेंडाई में पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, जिससे आप शहर के और कई हिस्सों को भी देख सकते हैं। इसमें भी लिफ्ट लगी है जिससे आप प्रतिमा के शीर्ष पर पहुंच सकते हैं |

 

7. पीटर द ग्रेट स्‍टेचू ( peter the Great ) : सम्राट पीटर ने रूस पर ४३ साल तक शाशन किया उसकी याद में रस के मास्को शहर के मोजकेवा नदी के किनारे यह प्रतिमा बनाई गई है , जिसकी लम्बाई ९८ मीटर है |इस मूर्ति में ६०० टन स्टेनलेस स्टील के उपयोग से बना है जिनका वजन १०० टन है | इस मूर्ति का डिज़ाइन ज़ुराब तसेरेटेली द्वारा किया गया | और इसका अनावरण १९९७ में किया गया |

 

8. बुद्धा की प्रतिमा : यह प्रतिमा भगवन बुद्ध की यादगार में बनाया गया है , जो थाईलैंड में है और इसकी ऊंचाई ९२ मीटर है और यह देश की बड़ी प्रतिमा है | यह मूर्ति सीमेंट से बानी है तथा सोने के रंग से रंगा हुआ है | इसका निर्माण कार्य १९९० से शुरू हुआ तथा २००८ में पूरा हुआ | इस मूर्ति का निर्माण थिवाड़ा बौद्ध धर्म के सिद्धांतों पर किया गया है |

 

9. ग्रेंड बुद्धा : ये भी मूर्ति चीन में ही है , जो लांगशान पर्वत पर स्थित है औरत इसकी ऊंचाई ८८ मीटर है , इनका वजन ७०० टन है , ये सम्पूर्ण कांसे सी बानी है |

 

10. मदर कॉल : यह मूर्ति रूस के वोल्गोग्राड औद्योगिक शहर में स्थित है। इस मूर्ति को बनाने का मकसद यह था की स्टेलिनग्राद की लड़ाई को मनाने के लिए मां ने अपने बेटे और बेटियों को ललकार कर कह रहे है तुम हिम्मत मत हरो और आगे बढ़ो | इस मूर्ति की ऊंचाई 87 मीटर है, तलवारों की लंबाई 33 मीटर है। यह मूर्ति निकोलाई निकितिन और मूर्तिकार येवगेनी वुच्ची द्वारा डिजाइन की गयी थी। इस मूर्ति के निर्माण के लिए 7900 टन से अधिक कंकरीट का इस्तेमाल किया गया और 1967 में दुनिया को प्रस्तुत किया गया। इस मूर्ति में माँ ने अपने दाए हाथ में तलवार लेकर अपने सपूत को बुला रही है |

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